मेगा विधिक जागरूकता एवं सेवा शिविर में 1200 लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ

एक छत, एक समाधान” के तहत जीआईसी ऑडिटोरियम में भव्य आयोजन

मेगा विधिक जागरूकता एवं सेवा शिविर में 1200 लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ

निष्पक्ष जन अवलोकन | विनय सिंह | 

बाराबंकी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष प्रतिमा श्रीवास्तव की निगरानी में रविवार को जीआईसी ऑडिटोरियम में मेगा विधिक जागरूकता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रशासनिक न्यायमूर्ति मनीष कुमार ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया।

उद्घाटन के पश्चात मुख्य अतिथि ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की जानकारी ली। शिविर का उद्देश्य “एक छत, एक समाधान” की अवधारणा को साकार करना था, जिससे पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

मंच पर अपर जिला जज कृष्ण चंद्र सिंह (नोडल अधिकारी), प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय वंदना सिंह, सीजेएम सुधा सिंह, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय सहित अनेक न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। जीजीआईसी की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।

शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति चेक वितरित किए गए। दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर व अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए गए। वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन के स्वीकृति पत्र दिए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लाभार्थियों को लाभ हस्तांतरण प्रमाणपत्र प्रदान किए। गर्भवती महिलाओं को पोषण किट वितरित की गई।

रोजगार विभाग ने कौशल विकास प्रशिक्षण हेतु युवाओं को प्रवेश पत्र दिए। नगर पालिका की स्वच्छता गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा रक्तदान शिविर एवं निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण आयोजित किया गया। “एक जिला एक उत्पाद” व जिला कारागार निर्मित वस्तुओं के स्टाल आकर्षण का केंद्र रहे।

करीब 1200 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। समाजसेवी संस्थाओं, एनजीओ, पैनल अधिवक्ताओं व उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।

न्यायमूर्ति मनीष कुमार ने कहा कि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता के साथ पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव ने इसे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय को साकार करने की प्रभावी पहल बताया। कार्यक्रम के अंत में सचिव शिवानी रावत ने सभी का आभार व्यक्त किया।