जालौन में आसाराम बापू के पोस्टरों पर विरोध प्रदर्शन सार्वजनिक स्थानों से हटाने और कार्रवाई की मांग, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा
उरई(जालौन) कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को आसाराम बापू के पोस्टरों को सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने के विरोध में स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर इन पोस्टरों को तत्काल हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।दीपशिखा श्रीवास के नेतृत्व में मांडवी निरंजन, डॉक्टर श्रद्धा चौरसिया, अनुराधा कठेरिया, किरण चौधरी, संगीता चौधरी, सुमन गोस्वामी, देवेश चौरसिया, शिवा चिल्ली, महेश चिल्ली, योगेंद्र पटेल, गौरव चौधरी, जगदीश गुप्त, नेतराम निरंजन और मिलन चिल्ली सहित कई लोगों ने प्रदर्शन में भाग लिया। उनका कहना था कि बालिकाओं से दुष्कर्म के मामले में सजायाफ्ता आसाराम के पोस्टर सार्वजनिक स्थलों पर लगाना नारी सम्मान के विरुद्ध है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।महिलाओं ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसे अभियान चलाकर महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे अपराधियों का महिमामंडन समाज में महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाता है।कलेक्ट्रेट पहुँचे प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा कि सार्वजनिक स्थानों से ऐसे सभी पोस्टर तुरंत हटाए जाएँ। साथ ही, उन्हें लगाने वालों की पहचान कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों। प्रदर्शन में कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, महिला कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल रहे।प्रदर्शनकारी दीपशिखा श्रीवास ने कहा, "नारी सम्मान सर्वोपरि है। किसी भी सजा प्राप्त यौन अपराधी का सार्वजनिक महिमामंडन समाज के लिए गलत उदाहरण है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।"मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि शिकायत की जाँच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए हैं, तो नियमानुसार उन्हें हटाकर जिम्मेदार लोगों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।