मीरजापुर में छत्तीसगढ़ के करोड़ों की सोने की लूट का पर्दाफाश

मीरजापुर में छत्तीसगढ़ के करोड़ों की सोने की लूट का पर्दाफाश

निष्पक जन अवलोकन। मनोज अग्रहरी। मीरजापुर। *जंगल में मुठभेड़ के बाद अंतरराज्यीय गिरोह के चार शातिर गिरफ्तार, 3.768 किलो सोना बरामद* मीरजापुर—: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुए करोड़ों रुपये के सोने की सनसनीखेज लूटकांड का आखिरकार खुलासा हो गया है। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी अहरौरा थाना क्षेत्र के सत्तेसगढ़ जंगल में मुठभेड़ के बाद हुई, जिसमें दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 3.768 किलोग्राम सोना, अवैध असलहे और नगदी बरामद की है। *घटना की पृष्ठभूमि: अंधे मोड़ पर रची गई वारदात* 17 फरवरी 2026 को बिलासपुर के राजकिशोर नगर, थाना सरकंडा क्षेत्र में एक ज्वेलरी कारोबारी के साथ दिनदहाड़े लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस के अनुसार, अपराधियों ने योजनाबद्ध तरीके से एक अंधे मोड़ पर कारोबारी की इको मारुति कार को टक्कर मारकर रोका। टक्कर के बाद जब कारोबारी वाहन से नीचे उतरा, तो बदमाशों ने पिस्टल, तमंचा और लोहे की हथौड़ी से उस पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद वाहन में रखे आभूषण और नगदी लेकर फरार हो गए। इस दुस्साहसिक वारदात ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि पड़ोसी राज्यों की पुलिस को भी सतर्क कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए बहु-राज्यीय समन्वय के साथ आरोपियों की तलाश शुरू की गई। *रणनीतिक घेराबंदी और अलर्ट पुलिस* मीरजापुर पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में एसओजी सर्विलांस, थाना अहरौरा और थाना अदलहाट की संयुक्त टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया। अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) मनीष मिश्रा, क्षेत्राधिकारी (ऑपरेशन) शिखा भारती और क्षेत्राधिकारी चुनार मंजरी राव के नेतृत्व में 18 फरवरी की रात विशेष गश्त अभियान चलाया गया। मुखबिर से सूचना मिली कि लूट के आरोपी सोनभद्र होते हुए वाराणसी की ओर बढ़ रहे हैं और उनका लोकेशन अहरौरा क्षेत्र में ट्रेस हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस ने सोनबरसा नहर के पास बैरियर लगाकर सघन चेकिंग शुरू कर दी। *पहली गिरफ्तारी: कार से मिला डेढ़ किलो से अधिक सोना* चेकिंग के दौरान कार संख्या CG13V7002 को रोका गया। तलाशी में कार सवार दो आरोपी—1. विनोद उर्फ बीनू प्रजापति (कोटा, राजस्थान / अनुपपुर, मध्यप्रदेश) 2. करीम खान (बरेली, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 1.550 किलोग्राम सोना बरामद हुआ, जिसमें 176 अंगूठियां, 457 लॉकेट और 805 कान की बालियां शामिल थीं। साथ ही दो तमंचे (0.315 बोर), दो जिंदा कारतूस और ₹46,100 नगद भी बरामद किए गए। *दूसरी बार जंगल में मुठभेड़: दो और आरोपी दबोचे गए* कड़ी पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि गिरोह के दो अन्य सदस्य लखनिया दरी जंगल में छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने तुरंत जंगल की घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें—1. विजय लाम्बा (नई दिल्ली),2. मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित उर्फ गुड्या (गौतमबुद्धनगर) के पैरों में गोली लगी। दोनों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार उनकी स्थिति सामान्य है। बरामदगी का संपूर्ण विवरण—कुल सोना: 3.768 किलोग्राम, नगद: ₹1,46,100 , एक देशी पिस्टल (0.32 बोर), के साथ तमंचे (0.315 बोर) व जिंदा खोखा कारतूस। पुलिस का कहना है कि बरामद किए गए आभूषण सीधे तौर पर बिलासपुर की लूट से संबंधित हैं और उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। वही थाना अहरौरा में मु०अ०सं० 35/2026 और 36/2026 के तहत धारा 317(2), 109 बीएनएस तथा 3/25 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड है, जिसके खिलाफ विभिन्न जनपदों में लगभग 38 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश भी की जा रही है। अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय इस गिरोह की गिरफ्तारी से कई अन्य मामलों के खुलासे की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस लूट की योजना कहां और कैसे तैयार की गई तथा इसमें और कौन-कौन शामिल थे।