राष्ट्रपति का संबोधन : 77वां गणतंत्र दिवस (2026)-संछेप में

राष्ट्रपति का संबोधन : 77वां गणतंत्र दिवस (2026)-संछेप में

राष्ट्रपति का संबोधन : 77वां गणतंत्र दिवस, 2026 (संक्षेप)

मेरे प्यारे देशवासियो,
गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। देश और विदेश में रहने वाले समस्त भारतवासी उत्साह और गर्व के साथ इस राष्ट्रीय पर्व को मना रहे हैं। गणतंत्र दिवस हमें अपने गौरवशाली अतीत, सशक्त वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य पर विचार करने का अवसर प्रदान करता है।

स्वाधीनता संग्राम के बल पर 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ और हमने अपने भाग्य का निर्माण स्वयं करना प्रारंभ किया। 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ और भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ। हमारा संविधान विश्व के सबसे बड़े गणराज्य का आधार-ग्रंथ है, जिसमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता के आदर्श निहित हैं। इन मूल्यों ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत आधार प्रदान किया है।

सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश के एकीकरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनकी 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को सुदृढ़ करते हैं। इसी प्रकार ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव भी राष्ट्रप्रेम को और प्रबल बनाता है। यह गीत भारत माता की वंदना का प्रतीक है और जन-जन में देशभक्ति का संचार करता है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई जाती है, जिससे युवा पीढ़ी उनकी अदम्य देशभक्ति और साहस से प्रेरणा लेती है। उनका नारा ‘जय हिंद’ आज भी राष्ट्र-गौरव का उद्घोष है।

प्यारे देशवासियो,
हमारा गणतंत्र आप सभी के योगदान से सशक्त हो रहा है। हमारी सेनाओं के वीर जवान सीमाओं की रक्षा में सदैव तत्पर हैं। पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बल आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। किसान अन्नदाता के रूप में देश का पोषण करते हैं। महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, खेल, रक्षा, उद्यम और समाज सेवा के क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी जन-स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। सफाईकर्मी स्वच्छ भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। शिक्षक भावी पीढ़ी का निर्माण करते हैं। वैज्ञानिक और इंजीनियर नवाचार को नई दिशा देते हैं। श्रमिक राष्ट्र-निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। युवा और बच्चे देश के स्वर्णिम भविष्य के प्रतीक हैं। कलाकार, शिल्पकार और साहित्यकार हमारी समृद्ध परंपराओं को आधुनिक स्वरूप दे रहे हैं। उद्यमी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। प्रवासी भारतीय विश्व-पटल पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं।

25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। मतदान लोकतंत्र की आत्मा है। महिलाओं की बढ़ती मतदान भागीदारी हमारे लोकतंत्र को और सशक्त बनाती है। महिलाओं का सशक्त होना देश के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ जैसे अभियानों से महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक भागीदारी बढ़ी है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी करोड़ों महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। खेल, विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हमारी बेटियों की उपलब्धियां पूरे देश के लिए गर्व का विषय हैं।

समावेशी विकास के तहत वंचित वर्गों, जनजातीय समाज, किसानों और श्रमिकों के कल्याण हेतु अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। जनजातीय समुदायों के इतिहास, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसानों को उचित मूल्य, बीमा सुरक्षा, ऋण सुविधा, आधुनिक कृषि तकनीक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ से किसानों को संबल मिला है।

गरीबी उन्मूलन की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाया गया है। ‘पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना’ के माध्यम से करोड़ों नागरिकों को खाद्य सुरक्षा मिल रही है। पक्के मकानों, बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं से गरीबों को गरिमापूर्ण जीवन का आधार मिला है।

भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हम आत्मनिर्भरता और स्वदेशी के मूलमंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। जीएसटी, श्रम सुधार और डिजिटल व्यवस्था ने अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। युवा शक्ति, स्टार्ट-अप्स और नवाचार देश की प्रगति के ध्वजवाहक हैं। मुझे विश्वास है कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की प्रमुख भूमिका होगी।

पर्यावरण संरक्षण हमारी प्राथमिकता है। प्रकृति के साथ संतुलित जीवनशैली हमारी सांस्कृतिक परंपरा रही है। ‘लाइफ’ पहल इसी सोच को दर्शाती है। भारत विश्व-शांति और सतत विकास का संदेश देता रहा है।

अंत में, गणतंत्र दिवस हमें ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ कार्य करने का संकल्प दिलाता है। आइए, हम सब मिलकर अपने गणतंत्र को और अधिक सशक्त, समावेशी और गौरवशाली बनाएं।

धन्यवाद।
जय हिंद! जय भारत!

https://knowindia.india.gov.in/  से साभार