सिसहनिया घोपालापुर में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सीसी रोड, एक साल में ही टूटकर बिखरी सड़क

सिसहनिया घोपालापुर में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सीसी रोड, एक साल में ही टूटकर बिखरी सड़क

निष्पक्ष जन अवलोकन। चीफ ब्यूरो बदरूजमा चौधरी। विकासखंड पचपेडवा( बलरामपुर)में विकास कार्यों की हकीकत कई बार कागजों से अलग नजर आती है। ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत सिसहनिया घोपालापुर में सामने आया है, जहां लाखों रुपये की लागत से बनी सीसी रोड एक साल भी पूरा नहीं कर पाई और जगह-जगह से टूटकर बिखर गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानक और गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण नई सड़क जल्दी ही खराब हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक सीसी रोड का निर्माण मनरेगा योजना के तहत कराया गया था, लेकिन निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया और सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया गया। गांव के लोगों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही महीनों बाद उसमें दरारें पड़ने लगीं और अब कई जगहों पर गड्ढे बन गए हैं, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सचिव मोहित दुबे, सौरभ श्रीवास्तव, मनरेगा जेई धर्मेंद्र, रोजगार सेवक जावेद समेत अन्य जिम्मेदार लोग आपस में मिलीभगत कर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि ग्राम प्रधान मोहम्मद शब्बीर हसन को गांव में चल रहे कार्यों की सही जानकारी ही नहीं रहती, जिससे कर्मचारी मनमानी करते हुए योजनाओं में गड़बड़ी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी कर मानकों के विपरीत कार्य किया गया। यदि निर्माण कार्य सही तरीके से और निर्धारित मानकों के अनुसार कराया गया होता तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती। अब स्थिति यह है कि जिस सड़क से ग्रामीणों को सुविधा मिलने की उम्मीद थी, वही सड़क अब परेशानी का कारण बन गई है। गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच कराई जाए तो पूरे मामले का सच सामने आ जाएगा और सरकारी धन के दुरुपयोग का खुलासा होगा।