अंतिम सलामी के बाद पिरसुआ गांव के लिए रवाना हुआ शहीद विपिन कुमार का पार्थिव शरीर

अंतिम सलामी के बाद पिरसुआ गांव के लिए रवाना हुआ शहीद विपिन कुमार का पार्थिव शरीर

निष्पक्ष जन अवलोकन 

राहुल शर्मा 

मथुरा। देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जनपद मथुरा के पिरसुआ गांव निवासी जवान विपिन कुमार के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम होने के बाद सेना के अधिकारियों द्वारा पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। इस दौरान मौजूद सैनिकों, अधिकारियों और परिजनों की आंखें नम हो गईं। पोस्टमार्टम के उपरांत सेना के जवानों ने शहीद विपिन कुमार को गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत माता के जयकारों और "शहीद विपिन कुमार अमर रहें" के नारों के बीच माहौल भावुक हो उठा। इसके बाद तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को सैन्य मान-सम्मान के साथ उनके पैतृक पिरसुआ गांव के लिए रवाना किया गया। शहीद के गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही गांववासियों और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। माता-पिता, पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर व्यक्ति अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने की तैयारी में जुटा है। सेना और प्रशासन की मौजूदगी में शहीद विपिन कुमार का अंतिम संस्कार कल पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम यात्रा में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचकर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि शहीद विपिन कुमार ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा। मथुरा का यह वीर सपूत भले ही आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसकी शौर्यगाथा और राष्ट्रभक्ति सदैव लोगों के दिलों में जीवित रहेगी। पूरा क्षेत्र अपने इस वीर जवान को नम आंखों से अंतिम विदाई देने के लिए प्रतीक्षारत है।