भाभर रेंज में जंगल माफियाओं का आतंक! बिना परमिट हरे-भरे जंगलों पर चल रही आरी, विभाग मौन
निष्पक्ष जन अवलोकन। न्यूज़ ब्यूरो। पचपेडवा बलरामपुर वीरपुर भाभर रेंज क्षेत्र अंतर्गत सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग में इन दिनों जंगलों की हरियाली पर खुला हमला जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिना परमिट और बिना नीलामी के बड़े पैमाने पर सखू समेत बहुमूल्य जंगली लकड़ियों का कटान कराया जा रहा है। जंगल माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिन-रात खुलेआम जंगलों को उजाड़ा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सूर्य नारायण सिंह उर्फ टिल्लू फॉरेस्टर और शैलेंद्र पाठक फॉरेस्टर की निगरानी में अवैध कटान का खेल तेजी से चल रहा है। आर बंजरिया बगल नाले से लगातार ट्रॉली और साइकिलों के माध्यम से बालू खनन भी जारी है, जो रुकने का नाम नहीं ले रहा। वहीं ग्राम पंचायत कल्याणपुर बरगदवा में रात के अंधेरे में जंगली सखू लकड़ियों को बिना परमिशन बड़े पैमाने पर चिरान कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आखिर इन अधिकारियों को संरक्षण कौन दे रहा है और इनके ऊपर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। सूत्रों के अनुसार जंगल से लकड़ियां काटकर रात के समय गांवों में आर मशीनें चलवाई जा रही हैं। जंगल माफियाओं और विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। संवाददाता द्वारा कई बार एसडीओ मनोज से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी गई, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय अधिकारी मामले से बचते नजर आए। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। कुछ विशेष सूत्रों का यह भी कहना है कि शैलेंद्र पाठक द्वारा संवाददाताओं को लेकर आपत्तिजनक बातें कही जा रही हैं कि “खबर लिखना बंद करवा देंगे।” ऐसे बयान कई सवाल खड़े कर रहे हैं। यदि पत्रकारों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है तो यह लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी बड़ा सवाल है। स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और जंगल माफियाओं पर कठोर कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते अवैध कटान और खनन पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में क्षेत्र की हरियाली पूरी तरह खत्म हो सकती है।









