पचपेड़वा ब्लॉक में फर्जी मनरेगा कार्यों का आरोप, कागजों में दौड़ रहे मजदूर, जिम्मेदार अधिकारियों पर उठे सवाल

पचपेड़वा ब्लॉक में फर्जी मनरेगा कार्यों का आरोप, कागजों में दौड़ रहे मजदूर, जिम्मेदार अधिकारियों पर उठे सवाल

निष्पक्ष जन अवलोकन। पचपेड़वा (बलरामपुर)। विकास खंड पचपेड़वा की कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राम पंचायतों में मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन का भुगतान कराया जा रहा है, जबकि कार्यस्थलों पर मजदूर दिखाई नहीं देते। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत गोवारी में चार मास्टर रोलों पर 23 मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की गई है। आरोप है कि कार्य केवल कागजों में संचालित हो रहा है और मौके पर मजदूरों का कोई अता-पता नहीं है। इस संबंध में 12 मई को निष्पक्ष जन अवलोकन द्वारा समाचार प्रकाशित किया गया था, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक तथा संबंधित जिम्मेदारों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत बानगढ़ पिपरी में भी मनरेगा कार्यों में फर्जीवाड़े के आरोप लगाए गए हैं। 12 मई को समाचार प्रकाशित होने के बावजूद जांच और कार्रवाई का अभाव बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों तक शिकायतें पहुंचने के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। आरोप है कि कुछ जिम्मेदार लोग खुलेआम कहते हैं कि समाचार प्रकाशित होने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। वहीं ग्राम पंचायत चौरासी में भी 24 मई को कथित फर्जी मनरेगा कार्यों की खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यस्थलों पर वास्तविक श्रमिकों की उपस्थिति नहीं होती, जबकि अभिलेखों में नियमित कार्य दर्शाकर भुगतान कराया जा रहा है। मामले की जानकारी लेने के लिए सहायक कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ) ओमकार पांडेय से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन की घंटी बजने के बाद कॉल कट गई और उनका पक्ष नहीं मिल सका। वहीं संबंधित अधिकारी मोहित दुबे से भी संपर्क किया गया, परंतु स्पष्ट जवाब प्राप्त नहीं हो सका। ग्रामीणों और मजदूरों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो मनरेगा में बड़े स्तर पर हो रही कथित अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। लोगों ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि तीनों ग्राम पंचायतों के मनरेगा कार्यों, मास्टर रोल, ऑनलाइन उपस्थिति और भुगतान अभिलेखों की स्वतंत्र जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि गरीब मजदूरों के हक पर डाका डालने वालों पर अंकुश लगाया जा सके। यह खबर अखबार में प्रकाशित करने योग्य औपचारिक समाचार शैली में तैयार की गई है।