CMIS समीक्षा बैठक में सख्ती: लापरवाही पर नोटिस, लंबित वादों में अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश

गोरखपुर में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने CMIS समीक्षा बैठक में रेड श्रेणी की परियोजनाओं, लंबित न्यायिक वादों और धीमे निर्माण कार्यों पर नाराजगी जताते हुए नोटिस जारी करने और वेतन रोकने के निर्देश दिए।

CMIS समीक्षा बैठक में सख्ती: लापरवाही पर नोटिस, लंबित वादों में अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश
आयुक्त सभागार में सीएमआईएस पोर्टल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते मंडलायुक्त अनिल ढींगरा एवं उपस्थित अधिकारी।

विभव पाठक

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में सीएमआईएस (CMIS) पोर्टल पर दर्ज विकास परियोजनाओं, फ्लैगशिप योजनाओं तथा सीएम डैशबोर्ड के आधार पर मंडल स्तरीय विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति, निर्माण कार्यों की स्थिति तथा लंबित मामलों की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मंडलायुक्त ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में मंडलायुक्त ने कहा कि सीएमआईएस पोर्टल पर दर्ज रेड श्रेणी की परियोजनाओं में संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण डाटा अपलोडिंग सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान यूपीआरएनएसएस की पांच और यूपी प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन की छह परियोजनाएं रेड श्रेणी में पाई गईं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

आईसीडीएस पोषण अभियान की समीक्षा के दौरान गोरखपुर और देवरिया में कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम पाया गया। इस पर गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए मंडलायुक्त ने संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और स्थिति में शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिए।

बैठक में लंबित न्यायिक वादों की समीक्षा भी की गई। धारा-24 (सीमांकन) और धारा-34 (नामांतरण) के मामलों में अत्यधिक लंबित वाद पाए जाने पर संबंधित उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के वेतन को अगले आदेश तक बाधित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी जिलाधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।

10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर भी मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने चारफाटक-असुरन मार्ग, मानीराम-बालापार मार्ग और गोरखपुर-पिपराईच मार्ग समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। जल निगम एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि यदि प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो मामला शासन को कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।

अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत गोडधोइया नाला और रामगढ़ताल के जीर्णोद्धार कार्यों में देरी पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। मंडलायुक्त ने जल निगम, यूपीपीसीएल और सीएंडडीएस के अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा अनावश्यक विलंब से बचने के निर्देश दिए।

बैठक में दीपक मीणा, शाश्वत त्रिपुरारी, अपर जिलाधिकारीगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।