गौशाला में बदइंतजामी से तड़प-तड़प कर मर रही गौ माता, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल

गौशाला में बदइंतजामी से तड़प-तड़प कर मर रही गौ माता, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल

निष्पक्ष जन अवलोकन। विकासखंड पचपेड़वा के (बलरामपुर)अंतर्गत ग्राम नेटहवा भाथर स्थित गौशाला की स्थिति बेहद चिंताजनक और हृदयविदारक बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार यहां गौ माताएं आए दिन भूख और प्यास से तड़प-तड़प कर दम तोड़ रही हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नजर नहीं आ रहा। गौशाला के अंदर का दृश्य किसी को भी झकझोर देने के लिए काफी है—कई स्थानों पर मृत पड़ी गौ माताएं, चारों तरफ गंदगी और खाने-पीने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में न तो चारे की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही स्वच्छ पानी की। परिणामस्वरूप बेसहारा गौवंश बदहाली का शिकार हो रहे हैं। कई दिनों से लगातार गौ माताओं की मौत हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इस ओर ध्यान देने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। इस संबंध में जब संवाददाता ने दूरभाष के माध्यम से संबंधित अधिकारी मोहित दुबे (वीडियो) से संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन की घंटी बजती रही लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया। आरोप है कि वे जानबूझकर जवाब देने से बच रहे हैं। वहीं शैलेंद्र सिंह (सिक्योरिटी) और ग्राम प्रधान मोहम्मद इस्लाम खान पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला के नाम पर सरकार से मिलने वाली सुविधाएं और बजट का सही उपयोग नहीं हो रहा है। अंदर खाने की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण गौ माता भूख से तड़प रही हैं। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि पशु कल्याण के प्रति गंभीर उदासीनता भी उजागर करती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और गौशाला में उचित भोजन, पानी व देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।