राष्ट्रीय स्तर पर गूंजेगी मांग, बड़े फैसले के संकेत—सरकार पर बढ़ा दबाव, ऐतिहासिक पहल निर्णायक मोड़

राष्ट्रीय स्तर पर गूंजेगी मांग, बड़े फैसले के संकेत—सरकार पर बढ़ा दबाव, ऐतिहासिक पहल निर्णायक मोड़

निष्पक्ष जन अवलोकन

प्रमोद सिन्हा

गाज़ीपुर भारतीय आदर्श व्यापार मंडलप्रदेश के व्यापारी समाज की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा को लेकर “व्यापारी सुरक्षा आयोग” के गठन की मांग अब तेज होती जा रही है। इस मुद्दे पर भारतीय आदर्श व्यापार मंडल की पहल को प्रदेश ही नहीं, बल्कि केंद्र स्तर पर भी व्यापक समर्थन मिल रहा है, जिससे यह मामला अब निर्णायक दौर में प्रवेश करता दिख रहा है। इसी क्रम में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह , वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना तथा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से महत्वपूर्ण मुलाकात कर इस विषय पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान सभी नेताओं ने इस पहल की खुलकर सराहना करते हुए माना कि प्रदेश में पहली बार किसी संगठन ने व्यापारी समाज की सुरक्षा के मुद्दे को इतने संगठित और प्रभावी तरीके से उठाया है। विशेष रूप से राजनाथ सिंह ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की वकालत करते हुए स्पष्ट कहा कि “व्यापारी सुरक्षा आयोग” को केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित रखना उचित नहीं होगा, बल्कि इसे पूरे देश में लागू करने की दिशा में ठोस पहल होनी चाहिए। उन्होंने इस पहल को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसे व्यापारी हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार इस दिशा में गंभीर है और जल्द ही सकारात्मक एवं प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। मंत्रियों ने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनीस अहमद के नेतृत्व की विशेष सराहना करते हुए इसे व्यापारी समाज की सशक्त और निर्णायक आवाज बताया। साथ ही संकेत दिए गए कि सरकार इस मांग को प्राथमिकता पर लेते हुए “व्यापारी सुरक्षा आयोग” के गठन की दिशा में शीघ्र ठोस निर्णय ले सकती है। प्रदेश अध्यक्ष अनीस अहमद ने सभी नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान अब केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर के व्यापारियों की सुरक्षा के लिए एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप लेगा। उन्होंने दोहराया कि “व्यापारी समाज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।”