गोरखपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच सम्पन्न हुई टीजीटी परीक्षा, 37,728 अभ्यर्थियों ने लिया भाग
गोरखपुर में 24 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित टीजीटी परीक्षा कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी के बीच सम्पन्न हुई। चार पालियों में 37,728 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
विभव पाठक
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। जनपद में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा 3 और 4 जून को कड़े सुरक्षा प्रबंधों तथा प्रशासनिक निगरानी के बीच सकुशल सम्पन्न हो गई। दो दिनों तक चली इस महत्वपूर्ण परीक्षा में जिले के 24 परीक्षा केंद्रों पर कुल 37,728 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा चार पालियों में आयोजित की गई, जिसमें पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक संचालित हुई।
परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की थीं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी, जिन्होंने पूरे समय परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बनाए रखी। सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केंद्रों का लगातार निरीक्षण करते रहे, जबकि स्टेटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं और गतिविधियों पर नजर रखते रहे।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। मेटल डिटेक्टर के माध्यम से चेकिंग की गई और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री को परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। केंद्रों के आसपास भी पुलिस की सतत गश्त जारी रही, जिससे किसी प्रकार की अवांछित गतिविधि न हो सके।
परीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी एवं एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, कक्ष निरीक्षकों की तैनाती, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी सुनिश्चित की गई थी। इसके अलावा उड़नदस्ता दल भी सक्रिय रहा, जिसने समय-समय पर औचक निरीक्षण कर नकल एवं अनुचित साधनों के प्रयोग पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा। प्रशासन की सतर्कता के चलते परीक्षा के दौरान कहीं से भी किसी बड़ी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली।
भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय और बैठने की समुचित व्यवस्था भी की गई थी। परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन के अनुसार सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से टीजीटी परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सफलतापूर्वक सम्पन्न कराई गई।









