पचपेड़वा में कोटेदारों की मनमानी: गरीबों का राशन डकारा, भूख से तड़प रहे अंत्योदय परिवार

पचपेड़वा में कोटेदारों की मनमानी: गरीबों का राशन डकारा, भूख से तड़प रहे अंत्योदय परिवार

निष्पक्ष जन अवलोकन। पचपेड़वा (बलरामपुर) क्षेत्र में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम पंचायत बैरहवा और सरधुवा नगर में कोटेदारों की मनमानी से गरीब परिवारों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सरकार द्वारा अंत्योदय कार्ड धारकों को हर तीन महीने में 3 किलो चीनी और लगभग 35 किलो गेहूं-चावल दिया जाना तय है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। ग्राम पंचायत बैरहवा में गुड्डू कोटेदार पर आरोप है कि वह अंत्योदय कार्ड धारकों को मात्र 1 किलो चीनी और करीब 20 किलो ही राशन दे रहा है। वहीं पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को भी कम राशन देकर घाटोली की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करने पर कोटेदार छोटे-बड़े नेताओं का दबाव दिखाकर धमकियां देता है। यहां तक कि संवाददाता को भी फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी दी गई। दूसरी ओर, ग्राम पंचायत सरधुवा नगर में श्याम बहादुर कोटेदार पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यहां भी अंत्योदय कार्ड धारकों को 3 महीने की जगह सिर्फ 1 किलो चीनी दी जा रही है। राशन वितरण में देरी की जाती है और अंगूठा लगवाने के बाद राशन काट लिया जाता है। विरोध करने पर ग्रामीणों को भगा दिया जाता है, जिससे मजबूर होकर गरीब परिवार पेट भरने के लिए भटकते नजर आते हैं। 4 अप्रैल को इस मामले की खबर प्रकाशित होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। सप्लाई इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने कहा है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक गरीबों का हक मारा जाता रहेगा? क्षेत्र के गरीब मजदूर दिन भर मेहनत करने के बाद भी पेट भर भोजन नहीं जुटा पा रहे हैं। राशन में कटौती और भ्रष्टाचार के कारण कई परिवारों को भूखे पेट सोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अब ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द दोषी कोटेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गरीबों को उनका पूरा हक मिल सके।