रायबरेली के हरचंदपुर में दिल दहला देने वाला हादसा, सिस्टम कटघरे में

रायबरेली के हरचंदपुर में दिल दहला देने वाला हादसा, सिस्टम कटघरे में

निष्पक्ष जन अवलोकन 

धीरेन्द्र कुमार 

रायबरेली जिले की हरचंदपुर विधानसभा के ग्राम ऐंधी से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है।

दोपहर के समय एक गरीब परिवार की झोपड़ी में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही पलों में पूरा आशियाना जलकर राख हो गया। इस हृदयविदारक हादसे में 3 साल के मासूम आदित्य पासवान की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से झुलस गया। घर का सारा सामान खाक हो गया और परिवार के सपने भी उसी आग में जल गए।

लेकिन यह सिर्फ एक हादसा नहीं—यह उस सिस्टम की सच्चाई है, जो कागजों पर तो गरीबों के लिए योजनाएं बनाता है, लेकिन जमीन पर उन्हें छोड़ देता है बेबस और असुरक्षित।

सबसे बड़ा सवाल यही है—अनुसूचित जाति से होने के बावजूद भी इस परिवार को अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ क्यों नहीं मिला? क्या यह लापरवाही नहीं, बल्कि एक बड़ी प्रशासनिक विफलता है?

घटना के बाद सपा विधायक राहुल लोधी मौके पर पहुंचे, परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। वहीं पूर्व विधायक राकेश सिंह ने भी पीड़ित परिवार के बीच पहुंचकर तत्काल 21,000 रुपये की सहायता दी और 4 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही आवास और कृषि योग्य भूमि दिलाने की बात कही।

प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन सवाल अब भी कायम है—अगर समय रहते इस परिवार को एक पक्का घर मिल गया होता, तो क्या आज यह मासूम जिंदा होता?

हादसे के बाद जागने वाला सिस्टम क्या उस बुझ चुकी जिंदगी को वापस ला सकता है?

यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे तंत्र पर एक करारा तमाचा है। अब वक्त है कि जिम्मेदारी तय हो, लापरवाही पर कार्रवाई हो और योजनाओं को कागजों से निकालकर जमीन पर उतारा जाए।

एक मासूम की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या इन सवालों के जवाब मिलेंगे, या फिर यह भी एक और खबर बनकर रह जाएगी?

ईश्वर मासूम आत्मा को शांति दें और परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।