कर्ज समायोजन के नाम पर 2.40 लाख की खेल? बैंक मैनेजर पर ठगी, मारपीट और धमकी का आरोप

कर्ज समायोजन के नाम पर 2.40 लाख की खेल? बैंक मैनेजर पर ठगी, मारपीट और धमकी का आरोप

निष्पक्ष जन अवलोकन 

धीरेन्द्र कुमार 

रायबरेली।

कोतवाली नगर क्षेत्र में एक बैंक मैनेजर पर किसान से कर्ज समायोजन के नाम पर 2.40 लाख रुपये लेने और खाते में जमा न करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित ने मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की भी शिकायत पुलिस से की है।

मामला पूरे गनेशपुर निवासी नन्हे पुत्र स्व. घिसान का है। पीड़ित के अनुसार उन्होंने टिकरा बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत ऋण लिया था, जिसमें करीब 4,20,600 रुपये बकाया थे। बैंक मैनेजर अंजनी गुप्ता ने नवंबर 2025 में उन्हें शाखा बुलाकर 2,40,000 रुपये जमा कर पूरा ऋण समायोजित करने का आश्वासन दिया।

आरोप है कि 5 दिसंबर 2025 को पीड़ित 2.40 लाख रुपये लेकर बैंक पहुंचे और मैनेजर को रकम सौंपी। मैनेजर ने जमा पर्ची पर हस्ताक्षर और मुहर लगाकर एक प्रति भी दी तथा 15 दिन बाद नो-ड्यूज लेने के लिए आने को कहा। लेकिन जब पीड़ित तय समय बाद बैंक पहुंचे तो पता चला कि उनके खाते में पूरी रकम जमा ही नहीं की गई है।

शिकायत के बाद मैनेजर ने 2 जनवरी 2026 को 50 हजार, 5 जनवरी 2026 को 1.20 लाख और 30 जनवरी 2026 को 70 हजार रुपये खाते में जमा किए। आरोप है कि बाद में मैनेजर पीड़ित के घर पहुंचकर जमा पर्ची की दूसरी प्रति मांगने लगे। इंकार करने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। साथ ही एक सादे कागज पर जबरन अंगूठा लगवाने का भी आरोप है।

पीड़ित ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर बैंक मैनेजर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।