महिलाओं के अधिकारों पर विपक्ष ने लगाया ब्रेक: सांसद डॉ. संगीता बलवंत
निष्पक्ष जन अवलोकन
प्रमोद सिन्हा
गाज़ीपुर /नई दिल्ली: माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को पंचकुइया रोड, नई दिल्ली में सुना गया। इस अवसर पर सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं के साथ सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री का संबोधन सुना। सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि महिलाओं को उनका हक दिलाने के ऐतिहासिक प्रयास को विपक्ष ने जानबूझकर बाधित किया है। उन्होंने कहा कि संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम था, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह पारित नहीं हो सका। उन्होंने कहा, “यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की माताओं-बहनों के सम्मान, अधिकार और उनके उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा विषय था। ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीति करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।” सांसद ने कहा कि आज देश की जनता यह भली-भांति देख रही है कि कौन नारी शक्ति के साथ खड़ा है और कौन उनके अधिकारों में बाधा डाल रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री द्वारा मातृशक्ति से क्षमा प्रार्थना करना उनकी संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और महिलाओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के विचारों का समर्थन करते हुए नारी सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। सांसद ने सभी से आह्वान किया कि वे इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं और नारी शक्ति के सम्मान तथा सशक्त, विकसित भारत के निर्माण के लिए एकजुट होकर कार्य करें।









