गोरखपुर: 7 वर्षीय बच्ची के पेट से निकला बालों का विशाल गुच्छा, सफल सर्जरी से बची जान

गोरखपुर के सिटी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में 7 वर्षीय बच्ची के पेट से हेयर बेज़ोआर निकाला गया। बाल खाने की आदत के कारण बनी इस गंभीर स्थिति का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सकों ने बच्ची की जान बचाई।

गोरखपुर: 7 वर्षीय बच्ची के पेट से निकला बालों का विशाल गुच्छा, सफल सर्जरी से बची जान
सिटी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, गोरखपुर में सर्जरी के दौरान 7 वर्षीय बच्ची के पेट से निकाला गया बालों का विशाल गुच्छा (हेयर बेज़ोआर), जिसने उसकी जान को गंभीर खतरे में डाल दिया था।

विभव पाठक

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। बच्चों की कुछ असामान्य आदतें कभी-कभी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं। ऐसा ही एक दुर्लभ और चौंकाने वाला मामला गोरखपुर के सिटी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में सामने आया, जहां चिकित्सकों ने एक 7 वर्षीय बच्ची के पेट से बालों का विशाल गुच्छा निकालकर उसकी जान बचाई।

जानकारी के अनुसार बच्ची पिछले कई महीनों से लगातार पेट दर्द, उल्टी, भूख न लगना, कमजोरी और तेजी से वजन घटने जैसी समस्याओं से जूझ रही थी। परिजन उसे उपचार के लिए सिटी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां वरिष्ठ बाल शल्य चिकित्सक डॉ. रविकेश द्विवेदी ने बच्ची की विस्तृत जांच कराई, जिसमें एक बेहद दुर्लभ और गंभीर समस्या सामने आई।

जांच में पता चला कि बच्ची के पेट में बड़ी मात्रा में बाल जमा हो गए थे, जो समय के साथ एक ठोस और विशाल गुच्छे का रूप ले चुके थे। चिकित्सकीय भाषा में इस स्थिति को “हेयर बेज़ोआर” कहा जाता है। यह गुच्छा पेट और आंतों में भोजन के सामान्य मार्ग को बाधित कर रहा था, जिससे बच्ची की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ. रविकेश द्विवेदी और उनकी टीम ने तत्काल सर्जरी करने का निर्णय लिया। सफल ऑपरेशन के दौरान बच्ची के पेट से बालों का विशाल गुच्छा बाहर निकाला गया। इस जटिल प्रक्रिया में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास नारायण सिंह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चिकित्सकों के अनुसार यदि समय रहते सही निदान और उपचार न मिलता तो यह समस्या आंतों में अवरोध, गंभीर संक्रमण, कुपोषण और अन्य जानलेवा जटिलताओं का कारण बन सकती थी। फिलहाल सर्जरी के बाद बच्ची की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है।

डॉ. रविकेश द्विवेदी ने बताया कि कुछ बच्चों में बाल खाने की आदत विकसित हो जाती है, जिसे ट्राइकोफेजिया कहा जाता है। लंबे समय तक बाल खाने से वे पेट में जमा होकर हेयर बेज़ोआर बना लेते हैं। कई मामलों में इसका उपचार केवल सर्जरी के माध्यम से ही संभव होता है।

अस्पताल के निदेशक डॉ. ए.के. मल्ल ने सफल सर्जरी के लिए पूरी टीम को बधाई देते हुए अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की असामान्य आदतों, बार-बार पेट दर्द, भूख में कमी और वजन घटने जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें तथा समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें।