पचपेडवा में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का आरोप, उज्ज्वला कनेक्शन में गड़बड़ी से गरीबों का चूल्हा ठंडा

पचपेडवा में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का आरोप, उज्ज्वला कनेक्शन में गड़बड़ी से गरीबों का चूल्हा ठंडा

निष्पक्ष जन अवलोकन। संवाददाता बदरूजमा चौधरी। पचपेडवा (बलरामपुर) नगर पंचायत के जुड़ी कुइयां चौराहे पर स्थित योग कृष्णा इंडियन सर्विस गैस एजेंसी एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। ग्रामीणों ने एजेंसी पर उज्ज्वला योजना के तहत बने गैस कनेक्शनों में हेराफेरी और सिलेंडरों की कालाबाजारी का आरोप लगाया है। इससे गरीब परिवारों के सामने भोजन बनाने का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, उज्ज्वला योजना के दौरान कई लाभार्थियों के नाम पर गैस कनेक्शन बनाए गए, लेकिन उन्हें देने के बजाय कथित रूप से बेच दिए गए। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। जब कुछ समय बाद लाभार्थी आधार कार्ड लेकर गैस लेने पहुंचे, तो एजेंसी द्वारा बताया गया कि उनके नाम से पहले ही कनेक्शन बन चुका है और नया कनेक्शन नहीं मिलेगा। आरोप है कि इसके बाद एजेंसी कर्मियों ने 6400 रुपये लेकर दूसरे व्यक्ति के नाम पर गैस कनेक्शन देने की बात कही। कई लोगों ने मजबूरी में पैसा और आधार कार्ड देकर सिलेंडर प्राप्त किया और कुछ समय तक गैस का उपयोग भी किया। लेकिन बाद में उनके कनेक्शन भी सस्पेंड कर दिए गए। स्थिति यह हो गई है कि कई परिवारों में पति-पत्नी दोनों ही गैस सुविधा से वंचित हो गए हैं। पत्नी के नाम का उज्ज्वला कनेक्शन पहले ही बेचा जा चुका है, जबकि पति का कनेक्शन सस्पेंड कर दिया गया। ऐसे में परिवारों को गैस सिलेंडर के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। बच्चों के सामने भूख की समस्या खड़ी हो गई है और चूल्हे ठंडे पड़े हैं। इस संबंध में जब संवाददाता ने क्षेत्रीय निरीक्षक एसके सोनी से बात की, तो उन्होंने संतोषजनक जवाब देने के बजाय टालमटोल रवैया अपनाया। वहीं एजेंसी संचालक रवि श्रीवास्तव ने भी स्पष्ट समाधान देने के बजाय नया कनेक्शन लेने की बात कही। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गैस सिलेंडरों की बुकिंग कर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। 18 अप्रैल को इस मामले को लेकर खबर भी प्रकाशित की गई थी, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके।