आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त, एई को प्रतिकूल प्रविष्टि, अधिशासी अभियंता का वेतन रोका
निष्पक्ष जन अवलोकन
शिवम् सिकरवार ब्यूरो चीफ आगरा
आगरा। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और गुणवत्ताहीन आख्या लगाने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित आईजीआरएस फीडबैक समीक्षा बैठक में डीएम ने कई विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए जवाब तलब किया और कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त असंतुष्टि वाले मामलों की समीक्षा के दौरान समाज कल्याण विभाग, नगर निगम, संभागीय परिवहन विभाग प्रशासन, बेसिक शिक्षा विभाग सहित कई विभागों की आख्या अस्पष्ट और गुणवत्ताहीन पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए भविष्य में वास्तविक तथ्यों पर आधारित गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने आईजीआरएस एवं सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के टॉप-10 और बॉटम-10 विभागों की रिपोर्ट तलब की। साथ ही पिछले दो माह की विभागीय रैंकिंग, संतुष्टि प्रतिशत, शिकायतकर्ताओं से फोन वार्ता और मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त ‘सी’ श्रेणी के संदर्भों की समीक्षा करते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग की समीक्षा में 17 शिकायतों पर असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिशासी अभियंता को 48 घंटे के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा सभी शिकायतों में फील्ड विजिट कर वास्तविक स्थिति के आधार पर आख्या देने के निर्देश दिए। साथ ही जर्जर विद्युत लाइनों को बिजनेस प्लान में शामिल कराने और बिजली संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। नाला निर्माण से जुड़ी शिकायत के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता (एई) को प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि सभी शिकायतों का निस्तारण वास्तविकता और गुणवत्ता के आधार पर किया जाना अनिवार्य है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान एक आईजीआरएस प्रकरण में त्रुटिपूर्ण आख्या पाए जाने पर संबंधित डिप्टी सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा के दौरान बरौली अहीर के बीडीओ द्वारा तार फेंसिंग कार्य में शिथिलता पाए जाने पर उनका वेतन रोकने के आदेश दिए गए। डीएम ने मियावाकी पद्धति से लगाए गए पौधों की एक सप्ताह के भीतर तार फेंसिंग पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाए। किसी भी अधिकारी की लापरवाही से जनपद की रैंकिंग प्रभावित होने पर संबंधित के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल) अमरेन्द्र, बीएसए राकेश कुमार सिंह, डीआईओएस रविन्द्रपाल, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, डीसी मनरेगा रामायन सिंह यादव, डीपीआरओ मनीष कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं बीडीओ उपस्थित रहे।









