गोरखपुर में 35 दिवसीय जूट बैग प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, 20 महिलाओं ने सीखे स्वरोजगार के कौशल

गोरखपुर में नेशनल जूट बोर्ड द्वारा प्रायोजित 35 दिवसीय जूट बैग प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। 20 महिलाओं ने जूट बैग निर्माण और डिजाइन का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

गोरखपुर में 35 दिवसीय जूट बैग प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, 20 महिलाओं ने सीखे स्वरोजगार के कौशल
गोरखपुर में आयोजित 35 दिवसीय जूट बैग प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि, प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं।

विभव पाठक

निष्पक्ष जन अवलोकन

गोरखपुर। नेशनल जूट बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित तथा महिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्र, सुड़िया कुआं बशारतपुर, गोरखपुर द्वारा आयोजित 35 दिवसीय ‘जूट बैग ट्रेनिंग प्रोग्राम’ का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज, नहर रोड, गोरखपुर में 11 मई 2026 से 13 जून 2026 तक संचालित किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम 14 दिनों तक जूट बैग बेसिक ट्रेनिंग प्रोग्राम, अगले 7 दिनों तक जूट बैग एडवांस ट्रेनिंग प्रोग्राम तथा अंतिम 14 दिनों तक जूट बैग डिजाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 20 महिला प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को 20 प्रकार के विभिन्न जूट बैगों के निर्माण एवं डिजाइन की तकनीकी जानकारी दी गई।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि आनंद मिश्रा, गोरखपुर हेड, यूपीकॉन, लखनऊ रहे। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान करते हुए कहा कि जूट उत्पादों की बढ़ती मांग महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का बेहतर अवसर प्रदान कर रही है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर डिजाइनर अनुभव बाजपेई, महिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्र की अध्यक्षा सुनैना सिंह, सभी 20 महिला प्रशिक्षणार्थी तथा कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं ने संस्था एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें नए कौशल सीखने और रोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

डिजाइनर अनुभव बाजपेई ने प्रशिक्षणार्थियों की लगन और उत्साह की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के उत्साह और आत्मविश्वास के साथ हुआ।