फर्जी QR कोड बनाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

गोरखपुर पुलिस ने फर्जी QR कोड बनाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से फर्जी पैन कार्ड, बैंक खातों की जानकारी, मोबाइल फोन और अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। करोड़ों रुपये के लेनदेन की जांच जारी है।

फर्जी QR कोड बनाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के साथ बरामद मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य उपकरण प्रदर्शित करती पुलिस टीम।

विभव पाठक

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। कोतवाली पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मर्चेंट QR कोड तैयार कर साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।

एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर विभिन्न डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म पर मर्चेंट QR कोड तैयार करते थे। इसके बाद इन QR कोड्स और मर्चेंट साउंड बॉक्स का उपयोग साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि के लेनदेन और निकासी के लिए किया जाता था।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आम लोगों के ऑनलाइन जीएसटी बिलों और अन्य दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी पैन कार्ड तैयार करते थे। इसके बाद अपने सहयोगियों से प्राप्त किराए के बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ईमेल आईडी की मदद से मर्चेंट अकाउंट बनाकर QR कोड और साउंड बॉक्स सक्रिय कर लेते थे।

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने अभियुक्तों के मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की जांच की, तो उनमें बड़ी संख्या में लोगों के फर्जी पैन कार्ड, बैंक खातों का विवरण, आधार कार्ड की प्रतियां और अन्य संवेदनशील दस्तावेज मिले। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि इन बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड का लेनदेन किया गया है।

पुलिस के अनुसार इन खातों और डिजिटल माध्यमों से जुड़े कई मामलों की शिकायतें देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं। जांच एजेंसियां अब इन खातों के जरिए हुए लेनदेन और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।

एसपी सिटी ने बताया कि बरामद डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच कराई जा रही है। साथ ही संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और भुगतान प्लेटफॉर्म की जानकारी जुटाकर पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।