डीडीयू के डॉ. निखिल कुमार के मार्गदर्शन में शोधार्थियों ने लगाई Q1 जर्नल्स की हैट्रिक

डीडीयू गोरखपुर के भौतिकी विभाग के डॉ. निखिल कुमार के निर्देशन में शोधार्थियों ने जून के पहले सप्ताह में तीन प्रतिष्ठित Q1 अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में शोध पत्र स्वीकृत कराए। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय की वैश्विक वैज्ञानिक पहचान और मजबूत हुई है।

डीडीयू के डॉ. निखिल कुमार के मार्गदर्शन में शोधार्थियों ने लगाई Q1 जर्नल्स की हैट्रिक
डीडीयू के भौतिकी विभाग में शोधार्थियों के साथ डॉ. निखिल कुमार, जिनके निर्देशन में तीन शोध पत्र प्रतिष्ठित Q1 अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में स्वीकृत हुए।
डीडीयू के डॉ. निखिल कुमार के मार्गदर्शन में शोधार्थियों ने लगाई Q1 जर्नल्स की हैट्रिक
डीडीयू के डॉ. निखिल कुमार के मार्गदर्शन में शोधार्थियों ने लगाई Q1 जर्नल्स की हैट्रिक

विभव पाठक

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) के भौतिकी विभाग के सहायक आचार्य एवं प्रख्यात शोधकर्ता डॉ. निखिल कुमार के मार्गदर्शन में शोधार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जून माह के प्रथम सप्ताह में उनके शोध समूह के तीन शोध पत्र प्रतिष्ठित Q1 श्रेणी के अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में स्वीकृत हुए हैं, जिसे विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक उपलब्धियों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मूल्यांकन मंच SciRank Global की वर्ष 2025 की वैश्विक रैंकिंग में डॉ. निखिल कुमार को विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत स्वतंत्र शोधकर्ताओं में स्थान मिला है। यह उपलब्धि न केवल डीडीयू बल्कि पूरे पूर्वांचल के वैज्ञानिक समुदाय के लिए गौरव का विषय है।

डॉ. निखिल कुमार के निर्देशन में हाल ही में शोधार्थी डॉ. भरत कुमार गुप्ता ने सुपरकंडक्टिंग थिन फिल्म्स एवं नैनो-डिवाइस टेक्नोलॉजी विषय पर पीएचडी पूर्ण की है। वहीं वर्तमान में शोधार्थी मनीष सिंह और तितिक्षा त्रिपाठी फेराइट-पॉलिमर नैनोकॉम्पोजिट्स तथा परोव्स्काइट सोलर सेल्स जैसे अत्याधुनिक विषयों पर शोध कार्य कर रहे हैं।

शोध समूह को जून के पहले सप्ताह में लगातार तीन बड़ी सफलताएं मिलीं। 3 जून को शोधार्थी मनीष सिंह का शोध पत्र प्रतिष्ठित जर्नल Ceramics International में स्वीकृत हुआ। इसके बाद 8 जून को उनका दूसरा शोध पत्र Inorganic Chemistry Communications द्वारा स्वीकार किया गया। वहीं 9 जून को शोधार्थी तितिक्षा त्रिपाठी का हाई-एफिशिएंसी परोव्स्काइट सोलर सेल्स पर आधारित शोध पत्र Solar Energy Materials and Solar Cells जर्नल में स्वीकृत हुआ।

शोधार्थियों के अनुसार इन शोध कार्यों के निष्कर्ष भविष्य में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर तकनीक, ऊर्जा भंडारण और मैग्नेटिक डिवाइसेज के विकास में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। विशेष रूप से सौर ऊर्जा क्षेत्र में किए गए शोध से सोलर सेल्स की दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में इससे पूर्व भी डॉ. निखिल कुमार के निर्देशन में Materials Today Communications तथा Journal of Physics and Chemistry of Solids सहित पांच प्रतिष्ठित Q1 जर्नल्स में शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। लगातार मिल रही इन उपलब्धियों ने डीडीयू की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पहचान को और अधिक मजबूत किया है।