बहू–बेटी सम्मेलन के लिए मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू, 18 हजार ग्राम स्तरीय प्रशिक्षक होंगे तैयार

गोरखपुर में मिशन शक्ति के तहत बहू–बेटी सम्मेलन के लिए तीन दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण शुरू। यूनिसेफ और पुलिस की संयुक्त पहल से चार जिलों में महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा और सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा।

बहू–बेटी सम्मेलन के लिए मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू, 18 हजार ग्राम स्तरीय प्रशिक्षक होंगे तैयार
गोरखपुर के कोर्टयार्ड बाय मैरियट में आयोजित बहू–बेटी सम्मेलन के मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करते पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तथा यूनिसेफ प्रतिनिधि।
बहू–बेटी सम्मेलन के लिए मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू, 18 हजार ग्राम स्तरीय प्रशिक्षक होंगे तैयार
बहू–बेटी सम्मेलन के लिए मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू, 18 हजार ग्राम स्तरीय प्रशिक्षक होंगे तैयार

विभव पाठक

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान के तहत “बहू–बेटी सम्मेलन” कार्यक्रम के लिए मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण गुरुवार से शुरू हो गया। गोरखपुर जोन पुलिस और UNICEF उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यशाला 11 से 13 जून तक आयोजित की जा रही है।

शहर के कोर्टयार्ड बाई मैरियट गोरखपुर में आयोजित इस प्रशिक्षण में गोरखपुर, महराजगंज, संत कबीर नगर और बलरामपुर जनपदों के चयनित मास्टर ट्रेनर्स भाग ले रहे हैं। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को कार्यक्रम की अवधारणा, कार्यप्रणाली और प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीतियों से प्रशिक्षित करना है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस पहल को सफलतापूर्वक लागू कर सकें।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में गोरखपुर जोन के पुलिस महानिदेशक मुथा अशोक जैन उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में पुलिस उपमहानिरीक्षक शिवशीमपी चैनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, यूनिसेफ के फील्ड ऑफिस प्रमुख डॉ. ज़कारी आदम तथा बाल संरक्षण विशेषज्ञ सय्यद मंसूर उमर क़ादरी मौजूद रहे।

यूनिसेफ के बाल संरक्षण विशेषज्ञ सैय्यद मंसूर उमर कादरी ने बताया कि पहले “बहू सम्मेलन” के रूप में शुरू हुई यह पहल अब “बहू–बेटी सम्मेलन” के रूप में विकसित होकर महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण का प्रभावी मंच बन चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 44 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो आगे 50 ब्लॉकों में लगभग 500 ब्लॉक स्तरीय तथा 18 हजार से अधिक ग्राम पंचायत स्तरीय प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।

एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि पुलिस अब केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता और रोकथाम के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। वहीं यूनिसेफ के डॉ. ज़कारी एडम ने महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सभी विभागों और समुदाय की भागीदारी को आवश्यक बताया।

डीआईजी शिवशिम्पी चन्नप्पा ने कहा कि मिशन शक्ति के तहत इस पहल को और व्यापक बनाया गया है। मुख्य अतिथि मुथा अशोक जैन ने मास्टर ट्रेनर्स को इस अभियान का एम्बेसडर बताते हुए गांव-गांव तक जागरूकता पहुंचाने और माइक्रो प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान किया।

कार्यशाला में पुलिस, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं जागरूक समाज का निर्माण करना है।