नशे में धुत पति से जमीन का बैनामा कराने का आरोप, महिला ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

गोरखपुर के जंगल गायघाट की महिला सुनीता देवी ने आरोप लगाया कि उनके पति को शराब के नशे में रखकर पुश्तैनी जमीन का बैनामा करा लिया गया। पीड़िता ने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग की है।

नशे में धुत पति से जमीन का बैनामा कराने का आरोप, महिला ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
प्रेसवार्ता के दौरान अपनी पुश्तैनी जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग करती पीड़िता सुनीता देवी।

विभव पाठक

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। जनपद के पडरौना तहसील क्षेत्र के जंगल गायघाट की निवासी एक महिला ने अपनी पुश्तैनी जमीन हड़पने की साजिश का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की मांग की है। पीड़िता सुनीता देवी ने प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके पति को शराब के नशे में धुत कर उनकी पुश्तैनी जमीन का बैनामा अपने नाम करा लिया और अब उन्हें घर तथा जमीन से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है।

सुनीता देवी के अनुसार, अमरनाथ वर्मा और सुधा वर्मा ने सुनियोजित तरीके से उनके पति नन्दलाल चौहान को बहला-फुसलाकर तथा शराब के नशे में रखकर 8 मई 2025 को उनकी पुश्तैनी जमीन का बैनामा सुधा वर्मा के नाम करवा लिया। महिला का दावा है कि इस बैनामे के एवज में कोई प्रतिफल या भुगतान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि बैनामा कराने के बाद आरोपी पक्ष ने जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया और अब उनके मकान पर भी अधिकार जताते हुए परिवार को वहां से हटाने का दबाव बना रहा है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि अमरनाथ वर्मा ने उनके पति के खिलाफ एक कथित फर्जी घटना दर्शाकर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया है, जिससे परिवार पर अतिरिक्त दबाव बनाया जा सके।

प्रेसवार्ता के दौरान सुनीता देवी ने कहा कि आरोपी पक्ष की ओर से उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। उनके अनुसार, जमीन छोड़ने के लिए परिवार को डराया-धमकाया जा रहा है और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही है। महिला ने आरोप लगाया कि उन्हें यहां तक धमकी दी गई है कि यदि उन्होंने जमीन खाली नहीं की तो पूरे परिवार को जिंदा जला दिया जाएगा।

सुनीता देवी ने जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और संबंधित राजस्व विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो उनके परिवार की जान-माल को खतरा हो सकता है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।

हालांकि, इस मामले में आरोपी पक्ष का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका है। प्रशासन की ओर से शिकायत की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।