वेटलैंड क्षेत्र में 38 यूकेलिप्टस के पेड़ कटवाने पर चार के खिलाफ मुकदमा

निष्पक्ष जन अवलोकन। रत्नाकर पांडेय।

टिकैतनगर, बाराबंकी। सराही झील वेटलैंड क्षेत्र में बिना अनुमति यूकेलिप्टस के पेड़ों की कटान के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। विभागीय जांच में वेटलैंड क्षेत्र की भूमि पर खड़े 38 यूकेलिप्टस के पेड़ों की कटान की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई।

जानकारी के अनुसार, बनगांवा झील वेटलैंड क्षेत्र स्थित सराही झील के किनारे लगे 38 यूकेलिप्टस के पेड़ हाल ही में काट दिए गए थे। मामले की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में सामने आया कि बनगांवा निवासी अनवारूल हक ने उक्त पेड़ों को अपना बताते हुए एक ठेकेदार को बेच दिया था, जिसके बाद उनकी कटान करा दी गई।

रामसनेहीघाट रेंज के रेंजर विशाल गुप्ता ने बताया कि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जिन पेड़ों की कटान की गई, वे वेटलैंड क्षेत्र में स्थित थे। वेटलैंड भूमि पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है और वहां किसी भी प्रकार की कटान अथवा हस्तक्षेप के लिए सक्षम अधिकारियों की अनुमति आवश्यक होती है।

वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनवारूल हक, संबंधित ठेकेदार तथा अन्य दो लोगों के खिलाफ वन एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है तथा उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।

संरक्षित झील क्षेत्र में कटान रोकने पहुंचे वन कर्मियों से अभद्रता

इसी मामले में एक अन्य प्रकरण भी सामने आया है। वन विभाग के अनुसार ग्राम बनगांवा स्थित संरक्षित झील क्षेत्र में अवैध कटान की सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।

वन विभाग के मुताबिक बनगांवा की 12.240 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है तथा यह क्षेत्र अधिसूचित आर्द्रभूमि (वेटलैंड) की श्रेणी में आता है। आरोप है कि रियाज उर्फ मुन्ना और अनवारूल हक ने यहां खड़े यूकेलिप्टस के पेड़ों को सैदनपुर निवासी ठेकेदार अनवर अली तथा सुखीपुर निवासी अंसार अहमद को बेच दिया था। इसके बाद 38 यूकेलिप्टस के पेड़ों की कटान कर दी गई।

कटान की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई रुकवाने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान संबंधित लोगों ने वन कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की।

वन रक्षक रमण तिवारी की तहरीर पर टिकैतनगर पुलिस ने चार आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संरक्षित आर्द्रभूमि क्षेत्र में अवैध कटान और सरकारी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार जैसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।