पेट्रोल पंप पर 3999 रुपये का तेल भराकर फरार, एसएसपी के एक्शन से उप निरीक्षक लाइन हाजिर
गोरखपुर के बड़हलगंज में पेट्रोल पंप पर 3999 रुपये का पेट्रोल भरवाकर फरार हुए युवकों के मामले में कार्रवाई न करने पर एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने सख्त रुख अपनाया। जनता दर्शन में शिकायत मिलने के बाद संबंधित उप निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया।
विभव पाठक
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। बड़हलगंज क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर तेल भरवाकर बिना भुगतान किए फरार होने के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. कौस्तुभ ने सख्त कार्रवाई की है। जनता दर्शन में पीड़ित की शिकायत सुनने के बाद एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया और संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उप निरीक्षक विनय पांडेय को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।
जानकारी के अनुसार, थाना बड़हलगंज क्षेत्र के नेवादा स्थित मंजू शाही के पेट्रोल पंप पर कुछ युवक बलेनो कार से पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने गाड़ी की नंबर प्लेट को कपड़े से ढक रखा था ताकि पहचान छिपी रहे। युवकों ने पंप कर्मियों को धमकाते हुए 3999 रुपये का पेट्रोल भरवाया और बिना भुगतान किए मौके से फरार हो गए।
पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। फुटेज में कार की नंबर प्लेट ढकी हुई दिखाई दी। बताया गया कि कुछ दूरी पर उक्त वाहन एक ट्रक से टकरा गया, जिसके बाद उसका नंबर सामने आया। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित पक्ष नाराज था।
पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के बाद भी संबंधित पुलिसकर्मी द्वारा मामले में गंभीरता नहीं दिखाई गई और कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बार-बार थाने के चक्कर लगाने पड़े। इसके बाद पीड़ित ने जनता दर्शन में पहुंचकर एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई।
जनता दर्शन में एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने मामले की जानकारी लेते हुए संबंधित इंस्पेक्टर और क्षेत्राधिकारी से फोन पर बातचीत की। जवाब संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने लापरवाही बरतने वाले उप निरीक्षक को लाइन हाजिर करने का निर्देश दिया। एसएसपी की इस कार्रवाई से पीड़ित को राहत मिली और पुलिस महकमे में भी जवाबदेही का स्पष्ट संदेश गया।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि जनता दर्शन जैसे मंच पर शिकायतों का तत्काल संज्ञान और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई से आम जनता का विश्वास बढ़ता है। पुलिस प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि शिकायतों की अनदेखी या लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।









