राप्तीनगर कार्यशाला में रोडवेज कर्मचारियों का धरना, मांगों को लेकर जताया आक्रोश
राप्तीनगर कार्यशाला गोरखपुर में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मचारियों ने मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया।
विभव पाठक
निष्पक्ष जन आवकलोकन
गोरखपुर:
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश के प्रांतीय प्रतिनिधियों के निर्देश पर क्षेत्रीय कार्यशाला एवं टायरशॉप शाखा राप्तीनगर, गोरखपुर के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने शुक्रवार को क्षेत्रीय कार्यशाला परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष राम नरेश सिंह ने की, जबकि संचालन प्रांतीय प्रतिनिधि अजय कुमार ने किया।
धरना के दौरान अजय कुमार ने 1 मई मजदूर दिवस के अवसर पर सभी कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए अपने अधिकारों के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने संगठन की ओर से जारी मांग पत्र को पढ़कर सुनाया, जिसका उपस्थित कर्मचारियों ने सर्वसम्मति से समर्थन करते हुए प्रस्ताव पारित किया।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों का अवैध और अनधिकृत संचालन, साथ ही अन्य वाहनों की डग्गामारी से परिवहन निगम को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके अलावा हाई-एंड निजी बसों द्वारा परमिट शर्तों का उल्लंघन भी निगम के हितों को प्रभावित कर रहा है। कर्मचारियों ने निगम की संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपे जाने और कारखानों को ठेके पर दिए जाने के फैसलों का भी विरोध जताया।
धरना में यह भी कहा गया कि परिवहन निगम के नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की लंबित मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सभा के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई कि जनहित में ऐसी नीतियों पर रोक लगाई जाए, जिससे निगम और कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रह सके तथा यात्रियों को सस्ती और सुगम परिवहन सेवा मिलती रहे।
कार्यक्रम के दौरान सेवा प्रबंधक मुकेश कुमार और कार्यशाला प्रभारी राम स्वार्थ की उपस्थिति में कर्मचारी प्रतिनिधियों ने ज्ञापन सौंपा। सेवा प्रबंधक ने आश्वासन दिया कि मांग पत्र को उच्च प्रबंधन तक पहुंचाया जाएगा और उन्होंने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन भी किया।
सभा ने चेतावनी दी कि यदि 15 मार्च 2026 को भेजे गए मांग पत्र पर जल्द संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया, तो 20 मई को प्रस्तावित क्षेत्रीय धरना, रैली और आमसभा में बड़ी संख्या में कर्मचारी भाग लेंगे।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।









