गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘ओडीओसी – एक जनपद एक व्यंजन’ अभियान का शुभारंभ
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग ने ओडीओसी अभियान के तहत गोरखपुर मंडल के पारंपरिक व्यंजनों के प्रलेखन व ब्रांडिंग की पहल शुरू की।
विभव पाठक /ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी पहल “ओडीओसी – एक जनपद एक व्यंजन” अभियान के अंतर्गत गोरखपुर मंडल के पारंपरिक व्यंजनों की पहचान, प्रलेखन एवं प्रोत्साहन हेतु प्रथम चरण का सफल आयोजन 18 फरवरी 2026 को विभाग परिसर में संपन्न हुआ।
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “वोकल फॉर लोकल” एवं “लोकल टू ग्लोबल” अवधारणा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा तथा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के संरक्षण में आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन कार्यक्रम की संरक्षक रहीं, जबकि प्रो. दिव्या रानी सिंह (अध्यक्ष, गृह विज्ञान विभाग) इस अभियान की नोडल अधिकारी हैं।
उद्देश्य और कार्यप्रणाली
गृह विज्ञान विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव संरचित सर्वेक्षण, स्थानीय नागरिकों के साक्षात्कार, शोध-पत्रों एवं प्रामाणिक पुस्तकों के आधार पर संकलित किया गया। पहल का उद्देश्य—
वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक प्रलेखन
पोषण विश्लेषण एवं मानकीकरण
संरक्षण एवं ब्रांडिंग
उद्यमिता एवं स्वरोजगार से जोड़ना
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ युवाओं के लिए खाद्य उद्योग, रेस्टोरेंट व्यवसाय और संबद्ध क्षेत्रों में नए अवसर खोलेगा। बदलती जीवनशैली के बीच पारंपरिक, संतुलित व पौष्टिक आहार की ओर समाज का झुकाव बढ़ रहा है—यह योजना उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जनपदवार चयनित पारंपरिक व्यंजन
? गोरखपुर – दाल पीठा (फरा), घाठी, तिसी का लड्डू, गुजिया, महुअर।
? देवरिया – रिखवाचा, पुआ, बखीर (रसायाव), दाल भरी पुड़ी, सत्तू।
? कुशीनगर – लकठा (गुड़ आधारित मिठाई), गुड़ की बर्फी/गुड़ सोंठ लड्डू।
? महाराजगंज – चूड़ा मटर, रामकटोरी, चावल की पुरी के साथ चटनी, कसार।
ये व्यंजन कृषि-आधारित जीवनशैली, आयुर्वेदिक परंपरा, धार्मिक अनुष्ठानों और सामुदायिक उत्सवों से जुड़े हैं तथा पूर्वांचल की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करते हैं।
प्रथम चरण में तैयार ओडीओसी दस्तावेज का विमोचन कुलपति द्वारा किया गया और शासन को प्रेषित किया गया। संभावना है कि “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के तहत गृह विज्ञान विभाग को योजना आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
योजनाओं से समन्वय
यह पहल ODOP (One District One Product), मुख्यमंत्री सूक्ष्म उद्यम प्रोत्साहन योजना, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश अभियान, स्टार्टअप नीति 2020, मिशन शक्ति एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग प्रोत्साहन योजनाओं से समन्वित है।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में INTACH चैप्टर गोरखपुर से प्रो. महाबीर कंदोई व अचिंत्य लहरी, ODOP प्रभारी उदय मिश्रा, प्रो. उषा सिंह (ललित कला विभाग) एवं प्रो. राजवंत राव की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने इसे “लोकल टू ग्लोबल” की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
भविष्य की कार्ययोजना
वैज्ञानिक मानकीकरण
रेसिपी दस्तावेज एवं प्रकाशन
प्रशिक्षण व कार्यशालाएँ
स्टार्टअप मॉडल विकास
ई-कॉमर्स व ब्रांडिंग रणनीति
GI टैग की संभावनाओं पर कार्य
यह पहल गोरखपुर मंडल की समृद्ध खाद्य विरासत के संरक्षण, स्थानीय अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में दूरदर्शी कदम सिद्ध होगी।