गोरखपुर में सिंचाई विभाग के अभियंताओं का प्रदर्शन, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
गोरखपुर में सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने जूनियर इंजीनियर पर हुए हमले के विरोध में मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग तेज।
विभव पाठक
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने बाढ़ कार्य खंड बलरामपुर में तैनात जूनियर इंजीनियर अरुण कुमार पर हुए कथित जानलेवा हमले के विरोध में मुख्य अभियंता कार्यालय के सामने प्रदर्शन तेज कर दिया है। अभियंताओं का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस घटना के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे अभियंताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंड बलरामपुर के कार्यालय कक्ष में स्वयं अधिशासी अभियंता एवं दो सहायक अभियंताओं की उपस्थिति में विभाग के कुछ दबंग कर्मियों द्वारा जूनियर इंजीनियर अरुण कुमार पर हमला किया गया। घटना के बाद तत्काल उच्च अधिकारियों से आरोपियों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन 13 दिन बीत जाने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
अभियंताओं ने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित कर्मचारी को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। साथ ही विभागीय उच्च अधिकारियों पर आरोपियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया गया। इसी के विरोध में संगठन ने 4 मई से मुख्य अभियंता गंडक विकास सिंह के कार्यालय के समक्ष धरना एवं संघर्ष कार्यक्रम शुरू किया है।
धरने के चौथे दिन शुक्रवार को प्रदर्शनकारी अभियंताओं ने मुख्य अभियंता कार्यालय के गेट पर ताला बंद कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मुख्य अभियंता गंडक विकास सिंह अपने पिता की बीमारी का हवाला देकर आंदोलन से दूरी बनाए हुए हैं और अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से आंदोलन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। अभियंताओं का आरोप है कि अब तक कोई सार्थक वार्ता नहीं हुई है।
धरने पर बैठे अभियंताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में ही इतने गंभीर मामले में लीपापोती की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाए तथा मुख्य अभियंता को निलंबित किया जाए। अभियंताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन और संघर्ष जारी रहेगा।









