टाटा संस चेयरमैन ने सीएम योगी संग किया गोरखनाथ मंदिर दर्शन, नाथपंथ की ली जानकारी
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया और नाथपंथ की परंपरा के बारे में जानकारी ली।
विभव पाठक
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर, 15 अप्रैल। Tata Sons के चेयरमैन N. Chandrasekaran ने बुधवार को Yogi Adityanath के साथ Gorakhnath Temple में महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
गोरखनाथ मंदिर पहुंचने पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ के नेतृत्व में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा संपन्न कराई गई। इस दौरान एन. चंद्रशेखरन को शिवगोरक्ष नामांकित अंगवस्त्र भेंट किया गया और मंदिर का प्रसाद भी प्रदान किया गया।
दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टाटा संस के चेयरमैन को मंदिर परिसर का विस्तृत भ्रमण कराया। भ्रमण के दौरान उन्होंने नाथपंथ की समृद्ध परंपरा, उसके ऐतिहासिक महत्व और समाज में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महायोगी गुरु गोरखनाथ के जीवन दर्शन, तपस्या और उनके द्वारा स्थापित आध्यात्मिक परंपरा पर भी प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नाथपंथ केवल एक आध्यात्मिक धारा ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और समाज को दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण आंदोलन भी रहा है। इस पंथ के संतों ने समाज में समरसता, समानता और आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाई है। एन. चंद्रशेखरन ने इस जानकारी को गंभीरता से सुना और नाथ परंपरा के प्रति अपनी जिज्ञासा भी प्रकट की।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए थे। दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। टाटा संस के चेयरमैन के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में विशेष तैयारी की गई थी।
गौरतलब है कि N. Chandrasekaran गोरखपुर में Maharana Pratap Institute of Technology में स्थापित पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के तकनीकी और शैक्षणिक विकास को नई दिशा देने की बात कही गई।
कार्यक्रम के पश्चात उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। मंदिर भ्रमण के बाद एन. चंद्रशेखरन गोरक्षपीठ द्वारा आयोजित दोपहर भोज में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया और उपस्थित लोगों से संवाद भी किया।
यह दौरा न केवल औद्योगिक और शैक्षणिक विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का भी एक प्रतीक बनकर सामने आया है।









