यूपी बार काउंसिल चुनाव बना आर–पार की लड़ाई, सुभाष चंद्र बोस सेवा फाउंडेशन ने यशपाल सिंह के समर्थन में खोला मोर्चा

यूपी बार काउंसिल चुनाव बना आर–पार की लड़ाई, सुभाष चंद्र बोस सेवा फाउंडेशन ने यशपाल सिंह के समर्थन में खोला मोर्चा

निष्पक्ष जन अवलोकन 

धीरेन्द्र कुमार 

रायबरेली।

उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव अब शांत नहीं, बल्कि खुली चुनावी जंग में तब्दील हो चुका है। जैसे-जैसे मतदान का समय नज़दीक आ रहा है, वैसे-वैसे समर्थन और विरोध की सियासत भी खुलकर सामने आने लगी है। रायबरेली में सुभाष चंद्र बोस सेवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस ने चुनावी समीकरणों को हिला कर रख दिया है। फाउंडेशन ने वरिष्ठ अधिवक्ता यशपाल सिंह के समर्थन में खुला मोर्चा खोलते हुए उन्हें निर्णायक बढ़त दिलाने का दावा किया है।

नगर के दीप पैलेस में हुई बैठक किसी औपचारिक कार्यक्रम से ज़्यादा एक राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में तब्दील नज़र आई। रायबरेली सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश तिवारी, महामंत्री योगेन्द्र दीक्षित, सेंट्रल बार के पूर्व अध्यक्ष व महामंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि अब यह चुनाव केवल प्रत्याशियों का नहीं, बल्कि पूरे संगठनात्मक दबदबे का सवाल बन चुका है।

फाउंडेशन के अध्यक्ष अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव ने दो टूक कहा कि अब बार काउंसिल में समझौतावादी नहीं, संघर्षशील नेतृत्व चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से अधिवक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी हुई है और अब अधिवक्ता वर्ग ऐसे प्रतिनिधि को चुनने के मूड में है जो सत्ता से टकराने का दम रखता हो। उन्होंने यशपाल सिंह को इसी संघर्ष की पहचान बताया।

सेंट्रल बार रायबरेली के पूर्व अध्यक्ष कमलेश चंद्र पांडेय और कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील श्रीवास्तव ने भी तीखे शब्दों में कहा कि यह चुनाव पुराने चेहरे और नई सोच के बीच सीधी टक्कर है। उनका कहना था कि यशपाल सिंह के समर्थन में बना माहौल साफ संकेत दे रहा है कि अधिवक्ता अब केवल वोट नहीं, बल्कि बदलाव की मुहर लगाने जा रहे हैं।

फाउंडेशन के सचिव एडवोकेट अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि यह समर्थन कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की निर्णायक लड़ाई का ऐलान है। बैठक में मौजूद अधिवक्ताओं ने एक स्वर में यशपाल सिंह को प्रथम वरीयता का मत देने का संकल्प लिया।

पत्रकार वार्ता में प्रत्याशी यशपाल सिंह ने भी आक्रामक तेवर अपनाते हुए साफ कहा कि यह चुनाव कुर्सी की राजनीति नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं की आवाज़ को ताकत देने की लड़ाई है। उन्होंने प्रदेश भर के अधिवक्ताओं से मतपत्र पर क्रम संख्या 330 पर प्रथम वरीयता में मतदान कर उन्हें विजयी बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता अम्बरीष अग्रवाल, विजय द्विवेदी, कमलेश चंद्र श्रीवास्तव, विजय मिश्रा, आलोक श्रीवास्तव, राजकुमार, उत्तम श्रीवास्तव, राहुल यादव, मयंक खरे, योगेन्द्र शुक्ला, पुनीत सिंह जगाधरी, शशिकांत, अमरेश श्रीवास्तव, प्रभु कुमार, प्रदीप कुमार, इन्द्र कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की मौजूदगी ने इस शक्ति प्रदर्शन को और धार दी।