गोरखपुर से अयोध्या-वाराणसी समेत कई शहरों के लिए जल्द शुरू होंगी 20 इलेक्ट्रिक बसें
गोरखपुर से अयोध्या, वाराणसी, सोनौली और बलिया समेत कई शहरों के लिए जल्द इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होगी। यूपी रोडवेज को 20 नई ई-बसें मिली हैं और राप्तीनगर में हाईटेक चार्जिंग स्टेशन तैयार हो रहा है।
विभव पाठक /ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर, 15 मार्च। उत्तर प्रदेश में सड़क परिवहन को अधिक सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लंबी दूरी के मार्गों पर भी डीजल बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस पहल के तहत जल्द ही गोरखपुर से कई प्रमुख शहरों के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने जा रही है।
परिवहन विभाग की योजना के अनुसार गोरखपुर के दो प्रमुख बस स्टेशनों से कुल 20 नई इलेक्ट्रिक बसें अलग-अलग महत्वपूर्ण मार्गों पर संचालित की जाएंगी। इन बसों के जरिए यात्रियों को पर्यावरण के अनुकूल और आरामदायक यात्रा सुविधा मिलेगी।
प्रमुख शहरों के लिए चलेगी ई-बस सेवा
परिवहन निगम के अनुसार गोरखपुर से वाराणसी, अयोध्या, सोनौली (नेपाल सीमा), बलिया, तमकुहीराज और लार रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।
परिवहन निगम को प्रथम चरण में 20 इलेक्ट्रिक बसें मिल चुकी हैं। इनमें से छह बसें वाराणसी के लिए चलेंगी, जिनमें तीन बसें गाजीपुर मार्ग और तीन बसें आजमगढ़ मार्ग से संचालित होंगी। इसके अलावा तीन बसें अयोध्या, तीन बलिया, तीन सोनौली, तीन तमकुहीराज और दो बसें लार रोड के लिए निर्धारित की गई हैं।
दो बस स्टेशनों से होगा संचालन
प्रारंभिक योजना के अनुसार 20 बसों में से नौ बसों का संचालन कचहरी बस स्टेशन से किया जाएगा, जबकि 11 बसें गोरखपुर रेलवे बस स्टेशन से चलाई जाएंगी। इस व्यवस्था से पूर्वांचल के विभिन्न शहरों और पर्यटन स्थलों के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
बन रहा हाईटेक चार्जिंग स्टेशन
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए राप्तीनगर क्षेत्र में हाईटेक ई-बस चार्जिंग स्टेशन लगभग बनकर तैयार हो चुका है। शेष कार्य इसी माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। चार्जिंग स्टेशन चालू होते ही इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह के अनुसार अयोध्या, वाराणसी और सोनौली जैसे प्रमुख मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसें चलने से यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त यात्रा मिलेगी। साथ ही ईंधन की बचत से परिवहन निगम को आर्थिक लाभ भी होगा।









