यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में नकल कराने की साजिश नाकाम, मथुरा के राया से STF ने सॉल्वर गैंग का सदस्य पकड़ा

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में नकल कराने की साजिश नाकाम, मथुरा के राया से STF ने सॉल्वर गैंग का सदस्य पकड़ा

निष्पक्ष जन अवलोकन 

राहुल शर्मा 

मथुरा (राया): उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (SI) नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा में नकल कराने की साजिश रच रहे एक गिरोह का स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भंडाफोड़ किया है। मेरठ एसटीएफ की फील्ड यूनिट ने शनिवार देर रात मथुरा के थाना राया क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर उन्हें अनुचित साधनों के जरिए परीक्षा पास कराने का लालच दे रहा था। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई एसटीएफ मेरठ यूनिट के उपनिरीक्षक संजय कुमार को सर्विलांस और मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम हवेली निवासी अनुज कुमार कस्बा राया में अपने एक साथी से मिलने आने वाला है। बताया गया कि वह अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उन्हें परीक्षा में नकल कराने की योजना बना रहा है। सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने बलदेव रोड स्थित रजनी लाइब्रेरी के पास घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। ₹22 लाख में तय होता था सौदा पूछताछ में आरोपी अनुज कुमार ने बताया कि वह गोपाल रावत नाम के व्यक्ति के संपर्क में था। गोपाल ने उसे बताया था कि किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा पास कराने के लिए लगभग 22 लाख रुपये लिए जाते हैं। इस पूरे सौदे में पहले तीन लाख रुपये एडवांस के तौर पर लिए जाते थे और परीक्षा के बाद पांच लाख रुपये और देने होते थे। साथ ही अभ्यर्थियों से उनके मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, खाली चेक और शपथ पत्र भी सुरक्षा के रूप में लिए जाते थे। ब्लूटूथ के जरिए कराई जानी थी नकल आरोपी ने बताया कि गिरोह की योजना परीक्षा केंद्र के अंदर अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराने की थी, जिसके जरिए बाहर बैठे लोग प्रश्नपत्र हल करके उत्तर बताते। मोबाइल और दस्तावेज बरामद एसटीएफ ने आरोपी के पास से एक स्मार्टफोन, यूपी पुलिस भर्ती समेत अन्य परीक्षाओं के छह एडमिट कार्ड, सामान्य ज्ञान की एक पुस्तक और व्हाट्सएप चैट से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। मोबाइल में अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और पैसों के लेन-देन से संबंधित चैट भी मिली हैं। गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज इस मामले में थाना राया में आरोपी अनुज कुमार, गोपाल रावत और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश 2024 की धाराओं 11(6), 11(7) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी गोपाल रावत फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।