भाकपा (माले) ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, दलित-महिला उत्पीड़न और पुलिसिया रवैये पर जताई गहरी चिंता

भाकपा (माले) ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, दलित-महिला उत्पीड़न और पुलिसिया रवैये पर जताई गहरी चिंता

निष्पक्ष जन अवलोकन 

धीरेन्द्र कुमार 

रायबरेली। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने प्रदेश में बढ़ते दलित और महिला उत्पीड़न, पुलिसिया अत्याचार और आपराधिक तत्वों को मिल रहे संरक्षण के खिलाफ राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और पुलिस का व्यवहार आम जनता के प्रति संवेदनहीन व दमनकारी होता जा रहा है।

ज्ञापन में मेरठ में दलित महिला की हत्या, कानपुर में पुलिस उपनिरीक्षक द्वारा युवती के साथ दुष्कर्म जैसे मामलों का हवाला देते हुए कहा गया कि ऐसी घटनाओं से पूरा प्रदेश आक्रोशित है। रायबरेली जनपद के बछरावां थाना क्षेत्र के पहाड़ी बाजार मजरे सराय उमर में दलितों को फर्जी मुकदमों में फंसाने, उनकी जमीनों पर कब्जा कराने और दर्जनों संगीन मामलों में संलिप्त अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए गए। पार्टी ने उपनिरीक्षक अभिजीत विश्वकर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं और जनसरोकार के सवाल उठाने वालों के साथ पुलिस का व्यवहार औपनिवेशिक मानसिकता का परिचायक है। मिर्जापुर में दलित महिला नेता जीरा भारती की फर्जी मामले में गिरफ्तारी और वाराणसी में प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का उल्लेख करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए गए।

भाकपा (माले) ने राज्यपाल से मांग की कि प्रदेश में दलितों, महिलाओं, गरीबों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों को तत्काल रोका जाए, दोषी पुलिसकर्मियों व अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो तथा कानून का राज सुनिश्चित किया जाए। ज्ञापन पर पार्टी के जिला व प्रांतीय पदाधिकारियों के हस्ताक्षर मौजूद रहे।