प्राधिकरण अन्तर्गत जन कल्याणकारी कार्यो की प्रदान की गई स्वीकृति जन हित मे कराए जाए कार्य-किसी पुराने कार्य की न हो पुनरावृत्ति -मण्डलायुक्त
निष्पक जन अवलोकन। मनोज अग्रहरी। मीरजापुर। मीरजापुर 21 फरवरी 2026- मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल/अध्यक्ष शक्ति नगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) राजेश प्रकाश की 51वीं बैठक आयुक्त सभागार मीरजापुर में आहूत की गई। बैठक में जिलाधिकारी सोनभद्र बी0एन0 सिंह, वीडियो कंाफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया तथा साडा बोर्ड की सचिव/मुख्य विकास अधिकारी सोनभद्र जागृति अवस्थी ने पिछले बैठक में लिए गए निर्णयो के अनुपालन आख्या के बारे में जानकारी देते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में स्वीकृत एवं प्रस्तावित निर्माण/विकास कार्यो के बारे में बिन्दुवार जानकारी दी। बैठक में उप निदेशक अर्थ एवं संख्या के अलावा आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, राज्य विद्युत उत्पादन निगम, उत्तर प्रदेश जल निगम के नामित प्रतिनिधि के अलावा शासन द्वारा नामित गैर सरकारी सदस्यो में धर्मवीर तिवारी व केसी जैन उपस्थित रहें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी/सचिव साडा के द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत बजट के सापेक्ष दिनांक 31.12.2025 तक वास्तविक आय व्यय, अधिष्ठान एवं निर्माण/विकास कार्यो पर व्यय के वास्तविक आकड़े तथा वित्तीय वर्ष 2026-26 का कार्य पूर्ति दिग्दर्शन आय व्ययक बजट का लेखा जोखा बोर्ड के सामने प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के अन्तर्गत साडा के वित्त पोषण से प्रस्तावित कुल 22 निर्माण/विकास कार्यो के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत साडा के वित्त पोषण से साडा क्षेत्रान्तर्गत निर्माण/विकास कार्य के लिए कुल 35 कार्य प्रस्तावित किए गए है जिसमें सम्पर्क मार्ग, नाला पर पुलिस निर्माण, रिटर्निंग वाल निर्माण, सी0सी0 रोड निर्माण, कुछ सड़को का पुर्ननिर्माण, पिकनिक स्पाट सुन्दरीकरण के कार्य शामिल है। मण्डलायुक्त ने उपरोक्त कार्यो की बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान करते हुए निर्माण/विकास कार्य के सम्बंध में जनपद के साडा क्षेत्रान्तर्गत समस्त कार्यदायी संस्था से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एन0ओ0सी0) प्राप्त होने के पश्चात ही साडा द्वारा कार्यादेश निर्गत किया गया। मण्डलायुक्त ने कहा कि जनहित विकास कार्य कराया जाए यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी कार्य की पुनरावृत्ति न होने पाए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी/सचिव साडा को निर्देशित करते हुए कहा कि साडा बोर्ड की बैठक अपने स्तर से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नियमित रूप से कराई जाए ताकि बोर्ड के मा0 सदस्य व मा0 जनप्रतिनिधिगण के द्वारा दिए गए प्रस्ताव की गहन समीक्षा कराते हुए स्टीमेट सहित मण्डल स्तर की बैठक में प्रस्तुत किया जाए।