भगवान की कथा सुनने वाला भाग्यशाली नहीं सौभाग्यशाली होता है पुरुषोत्तम दास जी महाराज

भगवान की कथा सुनने वाला भाग्यशाली नहीं सौभाग्यशाली होता है पुरुषोत्तम दास जी महाराज

निष्पक्ष जन अवलोकन।

अनिल तिवारी।

भदोही जिले के डीघ ब्लॉक के होलईपुर बैरीबीसा गांव में आयोजित श्री राम कथा के संगीतमय प्रवचन में अयोध्या से पधारे कथा व्यास पुरुषोत्तम दास जी महाराज ने शनिवार को कथा के दूसरे दिन प्रवचन में बताया कि बाह्य जीवन में गंगा-यमुना तो बह रही है लेकिन जब मन में गंगा रूपी भगवान की भक्ती रूपी धारा बहे तब भगवान की कृपा का अहसास मानना चाहिये।महाराज ने कहा कि गंगाजी भक्ति की प्रतीक, यमुना जी सत्कर्म और सरस्वती जी ज्ञान की धारा की प्रतीक है। कहा कि भगवान से प्रेम करना ही सच्ची भक्ति है। संसार का सबसे कीमती चीज प्रेम है। यदि कोई आपके सानिध्य में रहकर प्रेम का अनुभव कर रहा है तो आप मान लीजिये आप महत्वपूर्ण जीवन जी रहे है। जिनसे प्रेम होता है उनकी चर्चा करने और सुनने का बहुत मन करता है। जो अपने गुरू से विरोध करता है वह कभी भी सुख और मुक्ति नहीं पा सकता है। ईश्वर की कृपा पाने के लिए बुद्धि नहीं बल्कि मन लगाने की जरूरत है। भगवान को प्रभाव से नही बल्कि स्वभाव से प्रेम करना चाहिए। कथा भगवान के स्वभाव से परिचित कराती है। इसलिए भगवान के कथा का श्रवण करना चाहिए। बताया कि श्रीराम चरित मानस की रचना भगवान शिव ने की जबकि स्वामी तुलसीदास ने राम चरित मानस का केवल प्रकाशन किया। कथा केवल जीवन के कल्याण के लिए श्रवण करना चाहिए न कि संसार की सुख सुविधाओं के लिए, महाराज ने कहा कि जो अभिमान करता है उसके सभी पुण्य नष्ट हो जाते है क्योंकि अभिमान से युक्त जीव कभी भी भगवान की कृपा नहीं पाता। महाराज ने कहा कि ढ़ाई अक्षर के शम्भू साढ़े तीन अक्षर के कुम्भज के पास जाकर भगवान की कथा श्रवण किया जिससे उनको भगवान की भक्ति मिली जबकि मां सती अभिभान में कथा श्रवण किया जिसका परिणाम उनको अपने पिता के यहां ही अपमानित होना पड़ा। कथा में तो बहुत लोग बैठते है लेकिन कथा सब के मन में नहीं बैठती है। कथा श्रवण करने के लिए छोटा बनकर जाना चाहिए बड़ा बनकर जाने वाला कहीं का नहीं होता है। कथा श्रवण भाग्यशाली को नहीं बल्कि शौभाग्यशाली को मिलता है। इस मौके पर रघुनंदन दास जी महराज, भीम पाण्डेय, सतेंद्र पाण्डेय, वीरेंद्र पाण्डेय, अभय पाण्डेय, विनय तिवारी, संजय पाण्डेय, श्यामजी पाण्डेय समेत भारी संख्या में क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।