वित्त विहिन शिक्षकों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा 4 सूत्रीय ज्ञापन

गोरखपुर में उत्तर प्रदेश प्रबंधक शिक्षक कल्याण संघ ने वित्त विहिन जूनियर व प्राथमिक शिक्षकों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम 4 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। कैशलेस सुविधा, मानदेय और एमएलसी चुनाव में मतदान अधिकार की मांग उठी

वित्त विहिन शिक्षकों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा 4 सूत्रीय ज्ञापन
जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते उत्तर प्रदेश प्रबंधक शिक्षक कल्याण संघ के पदाधिकारी

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ 

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर।

उत्तर प्रदेश प्रबंधक शिक्षक कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष बाबूराम पांडेय के नेतृत्व में वित्त विहिन जूनियर एवं प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।

ज्ञापन में संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वित्त विहिन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी लंबे समय से उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि माध्यमिक विद्यालयों की तर्ज पर वित्त विहिन जूनियर व प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे और उनके परिवारजन आपात स्थिति में बेहतर इलाज प्राप्त कर सकें।

इसके साथ ही उन्होंने शिक्षक एमएलसी चुनाव में प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों के शिक्षकों को भी मतदान का अधिकार देने की मांग उठाई। संघ का कहना है कि जब ये शिक्षक शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, तो उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का समान अवसर मिलना चाहिए।

ज्ञापन में तीसरी प्रमुख मांग वित्त विहिन जूनियर व प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों को सम्मानजनक मानदेय प्रदान करने की है। पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान मानदेय बेहद कम है, जिससे शिक्षकों के समक्ष आर्थिक संकट की स्थिति बनी रहती है।

चौथी मांग के तहत स्नातक बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार सृजन की पहल करने या रोजगार उपलब्ध होने तक बेरोजगारी भत्ता प्रदान करने की बात कही गई है।

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रेम चंद पांडेय, शिवनारायण दुबे, जितेंद्र यादव, ब्रह्मानंद वर्मा, आनंद सिंह, जीवन तिवारी, आलोक जायसवाल, अमरेंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।