यूपी कैबिनेट बैठक से पहले कर्मचारियों का दबाव, पुरानी पेंशन बहाली समेत लंबित मांगों पर निर्णय की मांग
गोरखपुर में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक में पुरानी पेंशन बहाली, भत्तों की बहाली और नियमित भर्ती की मांग उठी। कैबिनेट बैठक से पहले सरकार पर दबाव।
विभव पाठक
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर में आगामी यूपी कैबिनेट बैठक से पहले राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सरकार पर दबाव बनाते हुए अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई है। विकास भवन परिसर में आयोजित परिषद की कोर कमेटी की बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन महामंत्री मदन मुरारी शुक्ला ने किया। बैठक में कोर कमेटी के सदस्य अशोक पांडे ने प्रस्ताव रखा कि आगामी कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री से कर्मचारियों की सभी लंबित मांगों को पूरा करने और विशेष रूप से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की जाए। इस प्रस्ताव को सभी सदस्यों ने एकमत से समर्थन दिया।
अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए कैबिनेट बैठक में ठोस निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में निलंबित किए गए भत्तों को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए। इसके साथ ही सभी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए, ताकि कार्य व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
उन्होंने आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए इसे समाप्त कर नियमित नियुक्तियां करने की मांग की। इसके अलावा कैशलेस चिकित्सा योजना में ओपीडी सेवाओं को शामिल करने तथा नई पेंशन योजना (NPS) से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा का लाभ देने की मांग रखी गई।
रूपेश श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की समस्याओं को समझते हुए उनके हित में कदम उठाए हैं। इसी तरह अब कर्मचारियों की समस्याओं को भी गंभीरता से लेते हुए इन सभी जायज मांगों को कैबिनेट में पास कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी की गई तो कर्मचारी समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
महामंत्री मदन मुरारी शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2013 में जब मुख्यमंत्री सांसद थे, तब उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर नई पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की थी। अब जब वह स्वयं प्रदेश के मुखिया हैं, तो उन्हें इस दिशा में पहल करनी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री केंद्र सरकार से पत्राचार कर एनपीएस और यूपीएस को समाप्त करने की मांग करें। यदि इसमें विलंब होता है, तो उत्तर प्रदेश सरकार अपने स्तर पर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करे, जिससे कर्मचारियों को राहत मिल सके।
बैठक में गोविंद जी, पंडित श्याम नारायण शुक्ल, अनिल द्विवेदी, अनूप कुमार, राजेश मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव, इजहार अली, बंटी श्रीवास्तव, निशिकांत चौधरी, विनीता सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।









