पत्रकारिता के विभिन्न आयामों में समन्वय जरूरी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर में Yogi Adityanath ने कहा—प्रिंट, डिजिटल और सोशल मीडिया में समन्वय जरूरी, एक खबर में भिन्नता से बढ़ता है भ्रम।

पत्रकारिता के विभिन्न आयामों में समन्वय जरूरी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

विभव पाठक 

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पत्रकारिता के विभिन्न आयाम—प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया—के बीच बेहतर समन्वय आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि एक ही तथ्य को अलग-अलग माध्यम भिन्न-भिन्न दृष्टिकोण से प्रस्तुत करेंगे तो इससे आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होगी और मीडिया की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।

मुख्यमंत्री सोमवार को सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब में आयोजित गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में पत्रकारिता के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन आया है और अब हर वर्ग अलग-अलग माध्यमों से सूचना ग्रहण कर रहा है। ऐसे में सभी माध्यमों को एक समान मूल्यों और आचार संहिता के तहत कार्य करना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि पत्रकारिता को स्वयं को बेलगाम नहीं होने देना चाहिए, बल्कि उसे अपने मूल उद्देश्य—राष्ट्र सेवा और समाज सेवा—के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने चेताया कि समाज को गुमराह करने और अशांति फैलाने वाले तत्वों से मीडिया को सतर्क रहना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है और संवाद में आलोचना स्वाभाविक है, लेकिन इसे व्यक्तिगत रंजिश के रूप में नहीं लेना चाहिए। पत्रकारिता समाज का आईना है और इसकी जिम्मेदारी है कि वह सही और संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करे।

उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए बताया कि 30 मई 1826 को जुगल किशोर शुक्ला ने कोलकाता से ‘उदंत मार्तण्ड’ का प्रकाशन शुरू किया था, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सही तथ्यों पर आधारित पत्रकारिता ही जनविश्वास को मजबूत करती है। उन्होंने महात्मा गाँधी, बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी और अटल बिहारी वाजपेई जैसे महान व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी ने पत्रकारिता को समाज परिवर्तन का माध्यम बनाया।

उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है तथा पत्रकारों के लिए आवास और कैशलेस चिकित्सा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और नेपाल की बड़ी आबादी शिक्षा, व्यापार और रोजगार के लिए इस शहर पर निर्भर है। ऐसे में यहां की पत्रकारिता को राष्ट्रहित और जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।

समारोह में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी—अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, उपाध्यक्ष धनेश कुमार, महामंत्री पंकज श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारियों को शपथ दिलाई।

कार्यक्रम में सांसद रवि किशन शुक्ल, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।