कब्रिस्तान-चरागाह की जमीन पर चला बुल्डोजर खनन माफियाओं का तांडव,
निष्पक्ष जन अवलोकन।
अंकित तिवारी।
कानपुर देहात। जनपद में अवैध खनन का काला कारोबार अब संवेदनशील और धार्मिक आस्था से जुड़ी जमीनों तक पहुंच गया है। गजनेर थाना क्षेत्र के भदेसा ग्राम पंचायत में खनन माफियाओं ने सैकड़ों वर्ष पुराने कब्रिस्तान और सरकारी चरागाह की भूमि को निशाना बनाकर रात के अंधेरे में अवैध खनन को अंजाम दिया। मामले ने तूल तब पकड़ा जब विरोध करने पहुंचे ग्रामीणों को न सिर्फ माफियाओं की धमकियां झेलनी पड़ीं, बल्कि शिकायत लेकर थाने पहुंचे लोगों को पुलिस की अभद्रता का भी सामना करना पड़ा।
रात के सन्नाटे में गरजा जेसीबी, उजड़ने लगी पुश्तैनी जमीन
घटना बीती रात की है, जब गांव का एक व्यक्ति शौच के लिए बाहर निकला तो उसने खेतों की ओर तेज रोशनी और मशीनों की आवाज सुनी। पास जाकर देखा तो गाटा संख्या 323 की भूमि पर जेसीबी मशीन से मिट्टी की खुदाई हो रही थी और ट्रैक्टर-ट्रालियों से अवैध खनन ढोया जा रहा था। सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और खनन का विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान खनन माफियाओं ने ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज करते हुए उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की।
पुलिस पहुंची, माफिया फरार, जेसीबी कब्जे में
ग्रामीणों द्वारा डायल 112 पर सूचना देने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ अधिकांश खनन माफिया फरार हो चुके थे। हालांकि ग्रामीणों ने जेसीबी मशीन को घेर लिया, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर थाने भेज दिया। सूत्रों के मुताबिक, जेसीबी (नंबर यूपी 77 एटी 6136) के साथ दो-तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि तहसील प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
24 बीघा चरागाह में खनन की पुष्टि, जांच टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए अकबरपुर तहसीलदार पवन कुमार मौके पर पहुंचे और निरीक्षण के बाद लेखपालों की दो सदस्यीय टीम गठित की। जांच में सामने आया कि करीब 24 बीघा चरागाह की सुरक्षित भूमि पर अवैध खनन किया गया है। लेखपालों के अनुसार, यह वही जमीन है जिसका उपयोग वर्षों से एक समुदाय द्वारा कब्रिस्तान के रूप में भी किया जा रहा है। मामले में खनन माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
थाने में फरियादियों से अभद्रता, “घर भी नपवाएंगे” की धमकी
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया, जब ग्रामीण शिकायत लेकर गजनेर थाने पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि थाना प्रभारी ने उनकी बात सुनने के बजाय अभद्र व्यवहार किया और उल्टा उनके घरों की जांच कराने की धमकी दे डाली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, थाने पहुंचे करीब 50 से अधिक महिला-पुरुषों को डांट-फटकार कर भगा दिया गया, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
तीन-चार पीढ़ियों से है कब्रिस्तान
ग्रामीणों ने बताया कि उक्त जमीन पर तीन से चार पीढ़ियों से कब्रिस्तान बना हुआ है, जबकि सरकारी अभिलेखों में यह चरागाह के रूप में दर्ज है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राहुल सिंह ने भी पुष्टि की कि भूमि चरागाह के नाम आरक्षित है, लेकिन एक हिस्से में वर्षों पुराना कब्रिस्तान मौजूद है।
सवालों के घेरे में प्रशासन और कार्रवाई
प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन के खिलाफ सख्ती के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। आखिर किसकी शह पर माफिया कब्रिस्तान और चरागाह जैसी संवेदनशील जमीनों पर भी बेखौफ खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और गंभीरता से कदम उठाता है, या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।









