फर्जी उपस्थिति ने खोली पोल, मनरेगा मजदूर सन्नाटा में

फर्जी उपस्थिति ने खोली पोल, मनरेगा मजदूर सन्नाटा में

निष्पक्ष जन अवलोकन। चीफ ब्यूरो बदरूजमा चौधरी। गैसड़ी विकासखंड (बलरामपुर)में मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत लक्ष्मी नगर निश्चलडीह, बीरपुर कला और तुरकौलिया में ऑनलाइन मास्टर रोल और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर उजागर हुआ है। लक्ष्मी नगर निश्चलडीह में 5 मास्टर रोल पर 36 मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति 11 जनवरी, 22 जनवरी, 24 जनवरी, 10 फरवरी और 15 फरवरी को दर्ज की गई। लेकिन मीडिया टीम के मौके पर पहुंचने पर कार्यस्थल पर न मजदूर मिले, न टोकरी-फावड़ा और न कोई काम होता दिखा। इसके बावजूद उपस्थिति नियमित रूप से ऑनलाइन भरी जाती रही। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान, सचिव और संबंधित वीडीओ की मिलीभगत से फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। बीरपुर कला में तो स्थिति और भी चौंकाने वाली मिली। यहां 11 मास्टर रोल पर 98 मजदूरों की ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज की गई, जबकि मौके पर गिनती के केवल 5 मजदूर ही मिले। 11, 15, 19 और 25 जनवरी को हाजिरी दर्ज होने के बावजूद कार्यस्थल पर सन्नाटा था। आरोप है कि पुरानी तस्वीरों का इस्तेमाल कर फर्जी उपस्थिति अपलोड की जाती है। तुरकौलिया ग्राम पंचायत में 10 मास्टर रोल पर 84 मजदूरों की ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज की गई, लेकिन कार्यस्थल पर एक भी मजदूर मौजूद नहीं मिला। 11 और 15 जनवरी को खबर प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। प्रधान का बयान और भी चौंकाने वाला है—“छपी खबर से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।” इससे साफ है कि स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे। लगातार प्रकाशित खबरों के बावजूद यदि कार्रवाई नहीं होती, तो यह प्रशासनिक उदासीनता ही नहीं बल्कि मिलीभगत का संकेत है। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा, या फिर कागजों में ही मजदूर काम करते रहेंगे और सरकारी धन का खेल यूं ही चलता रहेगा।