गोरखपुर में यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न, 24 केंद्रों पर 36 हजार अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
गोरखपुर में यूपी पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 14 और 15 मार्च को 24 केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। दो दिनों में 36 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
विभव पाठक /ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर।जनपद में उत्तर प्रदेश पुलिस की उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 14 और 15 मार्च को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। जिले के 24 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में दो दिनों के दौरान कुल 36 हजार अभ्यर्थियों ने भाग लिया।
परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की गई। प्रत्येक दिन लगभग 18 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि हर पाली में करीब 9 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा सकुशल संपन्न होने के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां की थीं। सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हर केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी, जो परीक्षा के दौरान लगातार गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे।
परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए वरिष्ठ अधिकारी लगातार भ्रमणशील रहे। अशोक जैन, एस. चनप्पा, अनिल कुमार, दीपक मीणा और डॉ कौस्तुभ ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया, सीसीटीवी निगरानी और प्रवेश व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए आवश्यक निर्देश भी दिए।
परीक्षा के नोडल अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा को पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पहले से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई थी। सभी केंद्रों पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती के साथ पर्याप्त पुलिस बल को भी अलर्ट रखा गया था।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश से पहले सघन जांच की व्यवस्था की गई थी। प्रवेश पत्र और पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की गई। साथ ही मेटल डिटेक्टर और मैन्युअल चेकिंग के माध्यम से तलाशी ली गई। केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा।
पुलिस प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों के आसपास भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और स्थानीय थानों की पुलिस लगातार गश्त करती रही। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय रखा गया था।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था को भी सुचारु रखा गया। ट्रैफिक पुलिस की तैनाती कर यातायात नियंत्रित किया गया, जिससे बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों को अपने केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
दोनों दिनों में आयोजित परीक्षा के दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। जिला प्रशासन के अनुसार सभी विभागों के बेहतर समन्वय, सतर्कता और कड़ी निगरानी के चलते इतनी बड़ी परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई जा सकी।









