मुख्य विकास अधिकारी, चित्रकूट द्वारा स्थाई गौआश्रय केन्द्र, ग्रा०पं० हटया, विकास खण्ड मऊ का निरीक्षण किया गया।
निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट ।डी०पी० पाल, मुख्य विकास अधिकारी, चित्रकूट द्वारा दिनांक 05.01.2026 को स्थाई गौआश्रय केन्द्र, ग्रा०पं० हटया, विकास खण्ड मऊ का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय पशुचिकित्साधिकारी आर० एस० गौतम एवं ग्राम पंचायत सचिव दुर्गेश नन्दन पाण्डेय उपस्थित थे। गौशाला में 02 केयरटेकर एवं 01 सफाई कर्मी मौके पर उपस्थित मिले। निरीक्षण के समय गौशाला में लगभग 172 गोवंश संरक्षित पाए गए। गौशाला में भूसे हेतु शेड बना हुआ पाया गया, जिसमें लगभग 100 कुन्टल भूसा भंडारित था। गौवंश हेतु केवल 02 बोरी पशु आहार उपलका था, जोकि संरक्षित गौवंश के लिये पर्याप्त नहीं है। गौशाला में साफ सफाई की व्यवस्था संतोषजनक थी। गोवंशों के लिए पीने का पानी हेतु चरही का निर्माण किया गया है। चरही के विस्तार किये जाने के निर्देश प्रदान किये गये। गोवंशों को ठण्ड से बचाव हेतु तिरपाल की व्यवस्था पायी गयी। ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि गौशाला में 02 सोलर लाइटें लगाये जाने का प्रस्ताव नेडा के भेजा गया हैं। गौशाला में उपलब्ध जनरेटर खराब होने के कारण प्राइवेट ट्यूबवेल से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। खराब जनरेटर को तत्काल ठीक करवाये जाने हेतु निर्देशित किया गया। तत्पश्चात डी०पी० पाल, मुख्य विकास अधिकारी, चित्रकूट द्वारा दिनांक 05.01.2026 को स्थाई गौआश्रय केन्द्र, ग्रा०पंत देउंधा, विकास खण्ड रामनगर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय खण्ड विकास अधिकारी, रामनगर राजेश कुमार तिवारी एवं ग्राम पंचायत सचिव ज्ञानेन्द्र सिंह व 06 केयरटेकर मौके पर उपस्थित मिले। गौशाला में लगभग 354 गोवंश संरक्षित पाए गए। गौशाला में भूसे हेतु शेड बना हुआ पाया गया, जिसमें लगभग 200 कुन्टल से अधिक भूसा भंडारित था। लगभग 50 ट्राली पराली, 85 बोझ बाजरा डण्ठल, 10 बोरी पशु आहार, 12 पेटी गुड, 08 कुन्टल चूनी चोकर मौके पर उपलब्ध पाया गया। गौशाला के प्रांगड में लगभग एक हेक्टेयर में बरसींग, हरा चारा एवं सरसों बोई हुयी पायी गयी। गौशाला में बाउण्ड्री वाल निर्मित है। गौवंशों को पीने हेतु 01 पानी की चरही, 06 भूसे की चरही एवं 01 छोटे गोवंशों की चरही पायी गयी। पानी हेतु सोलर पम्प लगा हुआ है एवं 04 नग सोलर लाइटें लगी हुयी है। गौशाला में साफ सफाई की व्यवस्था संतोषजनक थी। गौवंशों को ठण्ड से बचाव हेतु तिरपाल की व्यवस्था पायी गयी। संरक्षित गोवंशों में से अधिकांश गौगंशों के कान में टैग नही पाया गया। समस्त गौवंशों को शतप्रतिशत टैग करने के निर्देश प्रदान किये गये। देउंधा गौशाला सीसीटीवी लगाये जाने हेतु चयनित हैं। गौशाला में अतिशीघ्र सीसीटीवी लगाये जाने हेतु निर्देशित किया गया। गौशाला में एक गोवंश बीमार पायी गयी एवं एक गोवंश के आखों से आंसू आ रहे थे, जिनके उचित उपचार हेतु पशुचिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया। सम्बंधित को निर्देशित किया जाता है कि गोशाला में संरक्षित गोवंशों के भरण-पोषण हेतु अपेक्षित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करायें तथा गौशाला में समुचित साफ सफाई करवायें। गोवंशों को खिलाए जा रहे चारे/ भूसे/चूनी/चोकर की वास्तविक रिम्पत्ति के आधार पर ही भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करें।