गंगोत्री देवी महाविद्यालय में एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर का भव्य शुभारंभ

गोरखपुर के गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय में एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ हुआ, जिसमें छात्राओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया गया।

गंगोत्री देवी महाविद्यालय में एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर का भव्य शुभारंभ
गंगोत्री देवी महाविद्यालय में एनएसएस शिविर का उद्घाटन करते इंजी. आशुतोष मिश्र

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर।

गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय, प्रेरणादायी और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजी. आशुतोष मिश्र ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का विधिवत उद्घाटन किया।

उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में इंजी. आशुतोष मिश्र ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि यह युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि “सेवा ही वह आधार है, जो व्यक्ति को महान बनाती है और समाज को सशक्त करती है।” उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे इस सात दिवसीय शिविर को आत्मविकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और नेतृत्व क्षमता के विकास का अवसर मानते हुए पूरे समर्पण के साथ इसमें भाग लें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. गौरी पांडेय ने कहा कि एनएसएस छात्राओं में अनुशासन, संवेदनशीलता और सामाजिक चेतना का विकास करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब वह समाज के कल्याण में योगदान दे। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए समाज के वास्तविक स्वरूप को समझने और सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लेने की बात कही।

कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रत्या उपाध्याय एवं डॉ. प्रियंका त्रिपाठी ने शिविर की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि सात दिनों तक विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य और स्वच्छता जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत छात्राएं गांवों और आसपास के क्षेत्रों में जाकर स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा प्रसार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर जनजागरूकता फैलाएंगी।

महाविद्यालय की संरक्षिका श्रीमती रीना त्रिपाठी का विशेष मार्गदर्शन भी इस अवसर पर उल्लेखनीय रहा। उनकी प्रेरणा से महाविद्यालय में इस प्रकार के सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहे हैं।

शिविर के उद्घाटन अवसर पर परिसर उत्साह, ऊर्जा और सेवा भावना से ओतप्रोत दिखाई दिया। छात्राओं में समाज सेवा के प्रति विशेष उत्सुकता और प्रतिबद्धता देखने को मिली, जो शिविर की सफलता का संकेत है।

इस अवसर पर डॉ. संगीता पांडेय, डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. शीला त्रिपाठी, डॉ. अर्पिता, डॉ. सीमा श्रीवास्तव, डॉ. रेनू गौर, डॉ. कुमुद त्रिपाठी, तृप्ति सिंह, शिवांगी त्रिपाठी, प्रिया श्रीवास्तव और विकास गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।