एआई जागरूकता में गोरखपुर ने रचा इतिहास, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
गोरखपुर में AI Awareness Program ने 7.64 लाख पंजीकरण के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई।
विभव पाठक
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर, 15 अप्रैल।
पूर्वांचल की धरती गोरखपुर ने एक बार फिर देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने के लिए चलाए गए “AI for All Awareness Program” ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। इस कार्यक्रम के तहत एक सप्ताह के भीतर 7,64,187 ऑनलाइन पंजीकरण दर्ज किए गए, जो अपने आप में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है।
यह ऐतिहासिक पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में तैयार की गई थी। कार्यक्रम की रूपरेखा को Maharana Pratap Institute of Technology (एमपीआईटी) ने Tata Consultancy Services (टीसीएस) सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से लागू किया।
कार्यक्रम की सफलता के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने मुख्यमंत्री और एन. चंद्रशेखरन को आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपा। यह सम्मान एमपीआईटी परिसर में आयोजित पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के लोकार्पण समारोह के दौरान प्रदान किया गया।
शुरुआत में इस अभियान के लिए 5 लाख पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन जनभागीदारी और जागरूकता के चलते यह आंकड़ा 7.64 लाख के पार पहुंच गया। यह उपलब्धि न केवल गोरखपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय बन गई है।
इस अभियान में क्षेत्र के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आयुष विश्वविद्यालय, एमपी पॉलिटेक्निक, आईटीएम गीडा और बीआईटी गीडा जैसे संस्थान शामिल रहे।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि के अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार कड़ाई से परखा गया, जिसके बाद इस उपलब्धि को आधिकारिक रूप से मान्यता दी गई।
यह “AI for All Awareness Program” पूरी तरह निशुल्क है और इसका उद्देश्य आम लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में जागरूक बनाना है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को एआई की बुनियादी जानकारी, जेनरेटिव एआई टूल्स का उपयोग, प्रॉम्प्टिंग तकनीक, जिम्मेदार एआई उपयोग, साइबर सुरक्षा, फ्रॉड से बचाव, पासवर्ड एवं ओटीपी सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
गोरखपुर का यह रिकॉर्ड केवल एक संख्या नहीं, बल्कि डिजिटल इंडिया के विजन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह पहल साबित करती है कि सही नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से किसी भी लक्ष्य को पार किया जा सकता है।









