गोरखपुर में अंबेडकर जयंती: दलितों की भागीदारी बढ़ाने पर अरुण कुमार सिंह का जोर
गोरखपुर में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में अरुण कुमार सिंह ने दलित समाज की भागीदारी बढ़ाने और समानता के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया।
विभव पाठक
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष दिग्विजय नाथ पीजी कॉलेज गोरखपुर के पूर्व अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सिंह ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें मानवता का वैश्विक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए समानता, न्याय और अधिकारों की प्रेरणा हैं।
अपने संबोधन में अरुण कुमार सिंह ने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय समाज को समता और न्याय के आधार पर खड़ा करने का जो सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए भारतीय संविधान के माध्यम से मजबूत नींव रखी। उनके प्रयासों के कारण ही देश के प्रत्येक नागरिक को संवैधानिक अधिकार प्राप्त हुए और वंचित वर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि बीते 70 वर्षों में सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव जरूर आया है और दलित समाज को पहले की अपेक्षा अधिक सम्मान मिला है, लेकिन अभी भी आर्थिक और सामाजिक स्तर पर कई चुनौतियां बनी हुई हैं।
अरुण कुमार सिंह ने जोर देकर कहा कि जब तक दलित समाज को मुख्यधारा में बराबरी का स्थान नहीं मिलेगा और उनकी जनसंख्या के अनुपात में सत्ता व प्रशासन में भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक बाबा साहब का सपना अधूरा ही रहेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करने और समाज में समानता स्थापित करने का संकल्प लिया।









