मानसिक रूप से अविकसित बच्चों के बीच रोटरी क्लब गोरखपुर का सेवा कार्यक्रम संपन्न
रोटरी क्लब गोरखपुर ने मानसिक रूप से अविकसित बच्चों के विद्यालय में स्कूल ड्रेस व खाद्य सामग्री वितरित कर संवेदना, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया
विभव पाठक /ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। सेवा को जीवन का मूल मंत्र मानने वाली अंतरराष्ट्रीय सामाजिक संस्था रोटरी क्लब गोरखपुर ने रविवार को नॉर्मल स्कूल परिसर स्थित मानसिक रूप से अविकसित बच्चों के विद्यालय में एक संवेदनशील और प्रेरणादायी सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर क्लब द्वारा बच्चों को स्कूल ड्रेस और खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रातः 10 बजे आरंभ हुआ यह आयोजन समाज के उस वर्ग के लिए संबल बना, जिन्हें सबसे अधिक स्नेह, सहारे और अपनत्व की आवश्यकता होती है।
कार्यक्रम के दौरान रोटरी क्लब के सदस्यों ने बच्चों को पूरे सम्मान और आत्मीयता के साथ स्कूल ड्रेस एवं गुड़ लाई वितरित की। यह आयोजन केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें मानवीय करुणा, सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदना की गहरी झलक देखने को मिली। बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान और उनकी आंखों में झलकता भरोसा इस बात का प्रमाण था कि जब सेवा संवेदना से जुड़ती है, तब वह शब्दों से परे जाकर दिलों तक पहुँचती है।
इस अवसर पर रोटरी क्लब गोरखपुर के अध्यक्ष रोटेरियन सतीश राय ने कहा कि मानसिक रूप से अविकसित बच्चे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। उन्होंने कहा, “रोटरी क्लब का यह प्रयास केवल वस्त्र या खाद्य सामग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन बच्चों के जीवन में आत्मसम्मान, सुरक्षा और अपनत्व की भावना भरने का एक ईमानदार प्रयास है। सेवा ही रोटरी की आत्मा है और हमारा संकल्प है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक मदद पहुँचाई जाए।”
कार्यक्रम में रोटरी क्लब गोरखपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आर.पी. शुक्ल सहित वरिष्ठ रोटेरियन संजीव अग्रवाल, डॉ. संजय विश्वकर्मा, प्रवीर आर्य, डॉ. रश्मि श्रीवास्तव, मनीष जायसवाल, शुभेंदु श्रीवास्तव, अखिलेश ओझा, नम्रता श्रीवास्तव, रामपाल सिंह, आलोक अग्रवाल, संचित श्रीवास्तव एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया, उनका हालचाल जाना और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
रोटरी क्लब के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के सेवा कार्यक्रम समाज को यह संदेश देते हैं कि वास्तविक विकास केवल भौतिक प्रगति से नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन से तय होता है। मानसिक रूप से अविकसित बच्चों के साथ समय बिताकर, उनके चेहरे पर मुस्कान लाकर रोटरी क्लब ने यह सिद्ध किया कि सेवा तब सार्थक होती है जब उसमें सम्मान और संवेदना दोनों शामिल हों।
यह आयोजन न केवल गोरखपुर में, बल्कि व्यापक स्तर पर सामाजिक सरोकार, करुणा और सेवा भावना की एक प्रेरणादायी मिसाल के रूप में याद रखा जाएगा। रोटरी क्लब गोरखपुर का यह प्रयास समाज को यह सोचने के लिए प्रेरित करता है कि हर वर्ग की जिम्मेदारी सामूहिक है और सच्ची मानवता सेवा से ही जीवित रहती है।