नई कप्तानी का साफ संदेश: जवाबदेही, गश्त और अनुशासन पर रहेगा फोकस
गोरखपुर में नवागत एसएसपी डॉ. कौस्तुभ की पहली मैराथन बैठक। अपराध पर जीरो टॉलरेंस, फरियादियों के त्वरित निस्तारण और मजबूत गश्त के निर्देश।
विभव पाठक /ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। जनपद का कार्यभार संभालने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने व्हाइट हाउस सभागार में जनपद के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। यह गोरखपुर में उनकी पहली औपचारिक और मैराथन बैठक रही, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जिले की पुलिसिंग अब अनुशासन, जवाबदेही और परिणाम आधारित होगी।
बैठक शुरू होने से पहले एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने वरिष्ठता और प्रशासनिक मर्यादा का सम्मान करते हुए पीपीएस अधिकारी एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र को अपने बगल में बैठाया और इसके बाद सभी उपस्थित अधिकारियों से क्रमवार परिचय प्राप्त किया। इस व्यवहारिक और संवेदनशील पहल को पुलिस महकमे में सकारात्मक संदेश के रूप में देखा गया, जिससे नेतृत्व शैली को लेकर अधिकारियों में भरोसा भी नजर आया।
समीक्षा बैठक के दौरान एसएसपी ने दो टूक कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल किया जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही, ढिलाई या गैर-जिम्मेदाराना रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निभाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित वातावरण का अनुभव हो सके।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने थानों पर आने वाले फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। फरियादी को थाने से निराश लौटना नहीं चाहिए। महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित और प्रभावी गश्त बढ़ाने, पिंक बूथ व महिला हेल्प डेस्क को सक्रिय रखने तथा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही लंबित विवेचनाओं की नियमित समीक्षा, वांछित अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी, संगठित अपराध और पेशेवर अपराधियों पर प्रभावी प्रहार करने पर विशेष जोर दिया गया। एसएसपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस का व्यवहार भी जनता के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक होना चाहिए। अच्छा व्यवहार और सतत संवाद पुलिस की छवि को मजबूत करता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां लापरवाही या उदासीनता पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर उन्हें प्रोत्साहित और सम्मानित भी किया जाएगा, ताकि सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और कार्य संस्कृति विकसित हो सके।
बैठक में एसपी सिटी अभिनव त्यागी, एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र, एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार, एसपी अपराध सुधीर जायसवाल, एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय, सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ लाइन अरुण कुमार एस तथा सहायक पुलिस अधीक्षक दिनेश गोदरा उपस्थित रहे। इसके अलावा सीओ कैंट योगेंद्र सिंह, सीओ कोतवाली ओमकार दत्त तिवारी, सीओ गोरखनाथ रवि सिंह, सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह, सीओ बांसगांव अनुज सिंह, सीओ खजनी कमलेश सिंह, सीओ गोला दरवेश, सीओ चौरीचौरा मनीष कुमार शर्मा, सीओ ट्रैफिक विवेक तिवारी, सीओ क्राइम उदय प्रताप सिंह, सीओ रत्नेश्वर सिंह और सीओ दीपांशी सिंह राठौर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नई कप्तानी से बढ़ी उम्मीद
इस पहली बैठक के बाद पुलिस महकमे में यह स्पष्ट संदेश गया कि नई कप्तानी में अनुशासन, जवाबदेही और परिणाम पर विशेष फोकस रहेगा। वहीं आम नागरिकों में भी यह उम्मीद जगी है कि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगेगा और फरियादियों को त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय मिल सकेगा।