सरकारी दफ्तर में आधार कार्ड बनाने या अपडेट करने के नाम पर हो रही खुली लूट। पचपेड़वा पोस्ट ऑफिस बना ‘ धन उगाही का बड़ा अड्डा । पोस्ट मास्टर के संरक्षण में फल फूल रहा आधार का यह काला कारनामा ।

सरकारी दफ्तर में आधार कार्ड बनाने या अपडेट करने के नाम पर हो रही खुली लूट।  पचपेड़वा पोस्ट ऑफिस बना ‘ धन उगाही का बड़ा अड्डा ।   पोस्ट मास्टर के संरक्षण में फल फूल रहा आधार का यह काला कारनामा ।

निष्पक्ष जन अवलोकन। बदरुजमा चौधरी।

पचपेड़वा (बलरामपुर)। पचपेड़वा बाजार में स्थित रेलवे स्टेशन के ठीक सामने पोस्ट ऑफिस इन दिनों आधार कार्ड बनाने के नाम पर अवैध वसूली का अड्डा बन गया है प्राप्त जानकारी के अनुसार पोस्ट ऑफिस में बैठे पोस्ट मास्टर अनूप मिश्रा और बड़े बाबू बाल किशन के संरक्षण में एक संगठित आधार माफिया गैंग का यह धंधा खूब फल-फूल रहा है। जिसमें खुलेआम गरीब और जरूरतमंद जनता से मनमानी रकम आधार बनाने के नाम पर वसूली किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि बड़े बाबू के कक्ष में बैठकर रवि नामक व्यक्ति आधार कार्ड अपडेट करने और बच्चों के आधारकार्ड आदि बनाने के नाम पर ₹200 से 300 रूपये तक लिया जा रहा है।जिन नागरिकों का किसी तकनीकी कारण से अभी तक आधार नहीं बन पाया है, या जिनके नाबालिग बच्चों का आधार बनना है, उन्हें मजबूरी में यह रकम देनी पड़ रही है। हैरानी की बात तो यह है कि यह सारा खेल केंद्र सरकार के अधीन एक सरकारी दफ्तर के भीतर अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहा है । नया आधार बनाने और अपडेट करने के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है, लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर खुलेआम लूट मचाया जा रहा है। सवाल यह उठता है कि जब यह अवैध वसूली और लूट का खेल केंद्र सरकार के अधीन पोस्ट ऑफिस के अंदर चल रहा है, तो क्या डाक विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इसमें संलिप्त है? क्या इस लूट में उनकी भी भागेदारी और हिस्सेदारी होती है? और यदि नहीं तो फिर यह लोग सब कुछ जानते और देखते हुए आंखें मूंदकर बैठे क्यों हैं? इस सम्बन्ध में क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोल्हुई निवासी शोएब शाह ने बताया कि उन्होंने तीन आधार कार्ड बनवाया है जिसके बदले उन्हें 600 रूपए देने पड़े हैं। उन्होंने बताया कि दो नए आधार कार्ड और एक अपडेट के नाम पर यह रकम हमसे वसूल किया गया है। और जो रसीद हमें दिया गया है उस पर कोई धनराशि अंकित नहीं है। इस मामले पर जब हमारे संवाददाता ने दूरभाष पर सहायक डाक अधीक्षक बलरामपुर अमित सोनी से बात किया, तो उन्होंने कहा कि “मामला संज्ञान में आया है,इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। अब देखना यह है कि डाक अधीक्षक अमित सोनी का यह कथन सिर्फ औपचारिकता है या वास्तव में डाकघर के अंदर बैठे इन आधार माफियाओं के खिलाफ ठोस कार्यवाही किया भी जायेगा। जिससे आधार के नाम पर क्षेत्रीय जनता लुटने से बच सके। निष्पक्ष जन अवलोकन हिंदी दैनिक अखबार की नजर इस बड़ी लूट पर बनी रहेगी। अगर इन आधार माफियाओं पर तत्कालिक कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती है तो पुनः इस खबर को अन्य बड़े अधिकारियों के संज्ञान में लाते हुए प्रकाशित किया जाएगा।