गैसड़ी में मनरेगा घोटाला बेनकाब, फर्जी मास्टर रोल से सरकारी धन की लूट
निष्पक्ष जन अवलोकन। संवाददाता विकासखंड गैसड़ी, जनपद बलरामपुर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत लक्ष्मी नगर निश्चल डीह में 6 मास्टर रोल के माध्यम से 45 मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन हड़पने की साजिश रची गई। इस मामले को निष्पक्ष जन अवलोकन ने 11 जनवरी को प्रकाशित किया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक न तो संबंधित अधिकारियों के कानों तक जूं रेंगी और न ही ग्राम प्रधान व सचिव पर कोई कार्रवाई हुई। इसी तरह ग्राम पंचायत नया नयनगर में भी 4 मास्टर रोल के जरिए 35 मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन की निकासी की तैयारी की गई। यह खबर भी प्रकाशित होने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई संज्ञान नहीं लिया गया। तीसरा मामला ग्राम पंचायत त्रिकुलिया का है, जहां बिना फावड़ा, बिना टोकरी और बिना मजदूर के ही कागजों में काम दिखाकर भुगतान कराया जा रहा है। 21 जनवरी को जब मीडिया टीम कार्यस्थल पर पहुंची तो मंदिर योजना को कथित तौर पर लूट का अड्डा बना पाया गया। मौके पर न तो मिट्टी खुदी मिली, न कोई औजार और न ही मजदूर—चारों ओर सन्नाटा पसरा रहा। सूत्रों का दावा है कि मनरेगा पोर्टल पर फर्जी फोटो अपलोड कर पूरी दिन की मजदूरी दर्ज की जा रही है। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले मास्टर रोल बनाए जाते हैं, फिर फर्जी हाजिरी दर्ज कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती है। ग्रामीण इसे साधारण लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित घोटाला बता रहे हैं। इतने गंभीर खुलासों के बावजूद न तो स्थल जांच हुई और न ही किसी जिम्मेदार से जवाब तलब किया गया, जिससे प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गैसड़ी ब्लॉक में आज भी मनरेगा के नाम पर फर्जी काम धड़ल्ले से चल रहे हैं।